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अपना सपना पूरा नहीं हुआ तो दूसरे को सपने को पूरा करने लगे बृजेश

Fri, 14 Jan 2022 10:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 10:48 PM IST
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If his dream was not fulfilled, then Brijesh started fulfilling the other's dream
मधुबन (मऊ)। कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों तो मंजिल एक न एक दिन मिल ही जाती है। इस कहावत को चरितार्थ करने वाले ऐसे ही एक शख्स के कार्यों को समाचार के माध्यम से अमर उजाला द्वारा सेना दिवस पर आपके सामने लाने का प्रयास किया है। मधुबन के महुवी गांव के बृजेश कुमार जिन्होंने सेना का जवान बनने की बचपन से सपना देखा था, लेकिन किसी कारण वश वह उनका सपना पूरा नहीं हो सका। लेकिन आज उन्होंने यह सपना दूसरे युवाओं को देकर उसे पूरा करने के लिए पूरे जी जान से जुटे है। बृजेश के लगन तथा उनके निशुल्क प्रशिक्षण से वर्तमान में 80 युवा देश के अलग अलग जगहों पर सेना में तैनात होकर देशसेवा में जुटे है।
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मधुबन तहसील क्षेत्र के महुवी गांव निवासी बृजेश कुमार पुत्र प्रभुनाथ बचपन से एक ही लक्ष्य था सेना में भर्ती होने का। इस सपने को पूरा करने के लिए मन में इतनी लगन भावना थी कि वह बचपन में जब कक्षा आठवीं का छात्र थे, तब से गांव में दौड़ना शुरू कर दिया। बृजेश बताते है कि उन्हें प्रशिक्षण मधुबन तहसील क्षेत्र के लठिया निवासी इंद्रसेन राजभर ने दिया। उनका सपना तोआर्मी में जाने का पूरा न हो सका, लेकिन आज वो इस सपने को लेकर आने वालेकई युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। बताया कि 2015 से उनके द्वारा निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 80 युवा सेना में चयनित हो चुके है, वर्तमान में सैकड़ों बच्चें प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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आज भी पांच किमी की लगाते हैं मैदान की दौड़
बृजेश बताते है कि उनके द्वारा सेना और पुलिस में भर्ती होने वाले युवाओं को शहीद इंटर कॉलेज परिसर में निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। बताया कि वह खुद फिटनेस को लेकर काफी जागरूक है और वह अपने यहां आने वाले युवाओं में यहीं भावना देखना चाहते है। बताया कि इसलिए वह प्रतिदिन अपने गांव से प्रशिक्षण स्थल जो कि पांच किमी दूर है, दौड़ लगाकर पहुंचते है।
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हमारा नहीं, गुरु का सपना हुआ पूरा
मधुबन। बलिया जिले के महरी बरौली निवासी गोविंद यादव जो कि वर्तमान में जम्मू कश्मीर में सेना में कार्यरत है। बताते हैं कि सेना में भर्ती होने का श्रेय उनके गुरु बृजेश केे जाता है। यहीं बात रिजवान अहमद जो कि वर्तमान में पुणे सेना के इंजीनियरिंग कोर में हूं। बोले कि सेना में भर्ती होकर देश सेवा का जो सौभाग्य प्राप्त हुआ है उसमें बहुत बड़ा योगदान महूवी निवासी बृजेश कुमार का है। मेरा घर महुवी में होने के कारण मैं इनके साथ शहीद इंटर कॉलेज पर दौड़ के लिए जाता था और इन्हीं की प्रेरणा से आज मैं सेना में हूं।
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