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'गारंटी देता हूं हर वक्त पिकेट पर दिखेगी पुलिस'
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 11 Feb 2016 11:44 PM IST
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नवागत 2010 बैच के पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा ने पहले ही दिन पुलिस व्यवस्था में सुधार के संकेत दिए। उन्होंने मातहतों को चेताया कि थानाध्यक्ष या तो कानून व्यवस्था सुधारेंगे या खुद हटेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यहां तक कहा कि गारंटी देता हूं कि पिकेट पर पुलिस दिखेगी।
पहले ही दिन यह सुनकर उनके मातहतों को भी पसीना आने लगा। कहा कि जनता के लिए उनका दरवाजा हमेशा खुला है वह नि:संकोच अपनी शिकायत दर्ज कराएं। उनकी शिकायतों पर पुलिस तत्परता और निष्पक्ष हो कार्रवाई करेगी। गुरुवार को वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने विशेष जांच प्रकोष्ठ, अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सभी सीओ के कार्यालय, एलआईयू कार्यालय, डीसीआरबी सहित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया और सभी को उनके जिम्मेदारियों से अवगत कराया। कहा कि कार्यालय में समय से पहुंचकर सभी लोग अपना कार्य ईमानदारी से निपटाएं।
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किसी भी प्रकार की शिकायत मिली तो उनके विरुद्ध कार्रवाई तय है। अपने बारे में बताया कि वह वर्ष 2010 बैच के आईपीएस हैं। सबसे पहले जौनपुर प्रशिक्षु रहे। उनका जन्म राजस्थान के दौंसा जिले में हुआ। उनकी शिक्षा दीक्षा कोटा में हुई। सबसे पहले वह प्रवक्ता बने फिर आईपीएस बने।
जौनपुर के बाद आजमगढ़, अलीगढ़ में एएसपी एवं गाजियाबाद में बतौर एसपी सिटी रहे। पुलिस अधीक्षक के रूप में पहली तैनाती उनकी महराजगंज जिले में हुई। इसके बाद हापुड़ फिर बस्ती जिले के बाद उनका मऊ आना हुआ। वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्राइम पर कंट्रोल करना है।
इसके बाद कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना है। कहा कि जनता की शिकायतों के लिए उनके कार्यालय का दरवाजा खुला रहेगा। महिलाओं संबंधित अपराध पर अंकुश के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएंगे। चेताया कि थानाध्यक्ष अपनी वर्किंग स्टाइल सुधारें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि व्यवस्था में परिवर्तन देखने को मिलेगा।
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पहले ही दिन यह सुनकर उनके मातहतों को भी पसीना आने लगा। कहा कि जनता के लिए उनका दरवाजा हमेशा खुला है वह नि:संकोच अपनी शिकायत दर्ज कराएं। उनकी शिकायतों पर पुलिस तत्परता और निष्पक्ष हो कार्रवाई करेगी। गुरुवार को वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
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कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने विशेष जांच प्रकोष्ठ, अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सभी सीओ के कार्यालय, एलआईयू कार्यालय, डीसीआरबी सहित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया और सभी को उनके जिम्मेदारियों से अवगत कराया। कहा कि कार्यालय में समय से पहुंचकर सभी लोग अपना कार्य ईमानदारी से निपटाएं।
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किसी भी प्रकार की शिकायत मिली तो उनके विरुद्ध कार्रवाई तय है। अपने बारे में बताया कि वह वर्ष 2010 बैच के आईपीएस हैं। सबसे पहले जौनपुर प्रशिक्षु रहे। उनका जन्म राजस्थान के दौंसा जिले में हुआ। उनकी शिक्षा दीक्षा कोटा में हुई। सबसे पहले वह प्रवक्ता बने फिर आईपीएस बने।
जौनपुर के बाद आजमगढ़, अलीगढ़ में एएसपी एवं गाजियाबाद में बतौर एसपी सिटी रहे। पुलिस अधीक्षक के रूप में पहली तैनाती उनकी महराजगंज जिले में हुई। इसके बाद हापुड़ फिर बस्ती जिले के बाद उनका मऊ आना हुआ। वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता क्राइम पर कंट्रोल करना है।
इसके बाद कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना है। कहा कि जनता की शिकायतों के लिए उनके कार्यालय का दरवाजा खुला रहेगा। महिलाओं संबंधित अपराध पर अंकुश के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएंगे। चेताया कि थानाध्यक्ष अपनी वर्किंग स्टाइल सुधारें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि व्यवस्था में परिवर्तन देखने को मिलेगा।