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कैसे टॉप टेन में आए शहर, जब खुले में डंप कचरे से एक बड़ी आबादी हो रही प्रभावित

Wed, 23 Mar 2022 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 11:00 PM IST
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How cities came in top ten, when a large population is getting affected by open dump waste
मऊ। जिम्मेदारों की उदासीनता इस बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 में टाप टेन में शामिल होने की संभावना धूमिल कर सकती है। डपिंग ग्राउंड जमीन चिंहित करने के बाद भी अब तक बाउंड्री वाल का निर्माण नहीं कराया जा सका है। इतना ही नहीं नगर के बीच घनी आबादी में खाली प्लाटों पर डंप किया जा रहा कचरा संक्रामक रोगों को बढ़ा रहा है। यह स्थिति तब है जब स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नपा के दावे की हकीकत जानने के लिए क्यूसीआई (क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया) की टीम शहर में पहुंच चुकी है। ऐसे में शहर वासियों का नकारात्मक फीडबैक और समस्या के बीच मूल्याकंन इस बार भी रेटिंग को प्रभावित कर सकता है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में बीते तीन वर्षों से नगर पालिका की रेटिंग के लगातार गिरने से वह टाप टेन में शामिल नहीं हो पा रही है। इस बार उम्मीद थी कि नगर से सात किमी दूर रैनी स्थित डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद यह मिथक टूट जाएगा। लेकिन अब तक वहां बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में शहर का 120 टन से ज्यादा कचरा डपिंग ग्राउंड के आस पास के कासिमपुर, रैनी, पारा सहित कई गांवों के ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। वहीं नगर की घनी आबादी निजामुद्दीनपुरा, ब्रम्हस्थान आदि जगहों पर खाली प्लाटों में डंप कचरा भी मुसीबतों भरा है। ऐसे में सिटीजन फीडबैक तथा क्यूसीआई टीम को औचक निरीक्षण में मिला फीडबैक एक बार फिर रेटिंग को प्रभावित कर सकता है। केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण के सर्विस लेवल प्रोग्रेस के दो हजार अंक को बढ़ाकर इस बार तीन हजार अंक निर्धारित किया है। इसमें प्लास्टिक पॉलिथिन पर प्रतिबंध, गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग उठने की व्यवस्था, कूड़े का बेहतर निस्तारण, सीवरेज की सफाई आदि शामिल है। इसके अलावा 2,250 अंक सिटीजन वॉयस के निर्धारित किए हैं। इसमें वार्डों को स्वच्छ बनाए रखने की मुहिम के साथ 10 सवाल शहरवासियों से पूछे जाएंगे। जिसमें डोर टू डोर घरों से रोजाना कूड़ा उठता है या नहीं, क्या आप गीला-सूखा कूड़ा अलग कर डालते हैं, क्या आप जानते हैं, कि आप नजदीकी टॉयलेट को गूगल पर सर्च कर सकते है। नगर पालिका की रेटिंग लगातार घट रही है। 2021 स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका को प्रदेश में जहां 29 वीं रेटिंग मिली, वहीं देश में 225वीं रेटिंग रही। इसी तरह से 2020 में प्रदेश में17वीं जबकि देश में 140वीं रेटिंग मिली। वहीं 2019 में देश में 125वीं तो प्रदेश में 11वीं यह रेटिंग मिली। सकारात्मक बात रही रेटिंग में गिरावट के बाद भी मऊ नगर पालिका मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त करते आ रही है। पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि रैनी स्थित डंपिंग ग्राउंड पर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाने के लिए शिलान्यास पूर्व में किया जा चुका है। जल्द ही सीमांकन की प्रक्रिया पूर्ण कर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस से कार्य पूर्ण कराया जाएगा।
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