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तथ्य छिपाकर ड्यूटी कटवाई तो रपट
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Fri, 03 Feb 2017 11:31 PM IST
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नगर क्षेत्र के गाजीपुर तिराहे पर मतदाता जागरुकता के लिए हस्ताक्षर अभियान में शामिल जीजीआईसी की छात्राएं।
- फोटो : mau
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विधान सभा चुनाव में केवल उन्हीं कर्मचारियों की ड्युटी कटेगी जो आकस्मिक रूप से बीमार अथवा दुर्घटनाओं में घायल हो गए होंगे। लिपिकीय त्रुटिवश डबल ड्युटी वाले कर्मचारियों की ड्युटी ही कट पाएगी। इसके अतिरिक्त बिना पर्याप्त कारण के तथ्यहीन आधार पर ड्युटी कटवाने वाले कर्मचारियों का निलंबन होगा और एफआईआर भी कराई जाएगी।
बीमार अथवा अशक्त कर्मचारियों की ड्युटी लगाने वाले विभागाध्यक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल चंद शुक्ल ने चुनाव आयोग की गाइड लाइन का हवाला देते हुए कहा है कि सभी विभागों से अशक्त असमर्थ ,निलम्बित,गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कार्मिकों की सूचना पूर्व में ही संकलित करके उन्हें निर्वाचन कार्य से मुक्त किया जा चुका है।
वर्तमान में केवल आकस्मिक दुर्घटना के कारण अशक्त हुए कार्मिकों अथवा लिपिकीय त्रुटि से डबल ड्यूटी होने की स्थिति में ही पर्याप्त विधिक साक्ष्यों एवं भौतिक रूप से स्वास्थ्यगत परीक्षण के उपरान्त ही चुनाव ड्यूटी से मुक्ति मिलेगी। साक्ष्यगत और स्वास्थ्यगत परीक्षण के दौरान तथ्य सही न होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध तत्काल निलम्बन के साथ ही आरपी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दिया जायेगा।
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डीएम ने कहा है कि सम्बन्धित विभाग के कार्यालयाध्यक्ष, कार्मिकों को ड्यूटी से मुक्त किये जाने के लिए समिति गठित है। कर्मचारी द्वारा ड्युटी से मुक्ति के लिए आवेदन करने पर कार्यालयाध्यक्ष उसका परीक्षण करके टिप्पणी के साथ अग्रसारित करेंगे।आवेदन पत्र अग्रसारित करते समय यह कारण बताना होगा कि कार्मिक पूर्व में अशक्त थे तो साफ्टवेयर पर फीड करते समय ही उसका नाम क्यों नहीं हटा दिया गया। अशक्तता की स्थिति में कार्मिक अवकाश पर है तो कब से यदि अवकाश पर , यदि नहीं है तो क्यों। यदि कार्यालयाध्यक्ष बिना
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बीमार अथवा अशक्त कर्मचारियों की ड्युटी लगाने वाले विभागाध्यक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी निखिल चंद शुक्ल ने चुनाव आयोग की गाइड लाइन का हवाला देते हुए कहा है कि सभी विभागों से अशक्त असमर्थ ,निलम्बित,गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कार्मिकों की सूचना पूर्व में ही संकलित करके उन्हें निर्वाचन कार्य से मुक्त किया जा चुका है।
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वर्तमान में केवल आकस्मिक दुर्घटना के कारण अशक्त हुए कार्मिकों अथवा लिपिकीय त्रुटि से डबल ड्यूटी होने की स्थिति में ही पर्याप्त विधिक साक्ष्यों एवं भौतिक रूप से स्वास्थ्यगत परीक्षण के उपरान्त ही चुनाव ड्यूटी से मुक्ति मिलेगी। साक्ष्यगत और स्वास्थ्यगत परीक्षण के दौरान तथ्य सही न होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध तत्काल निलम्बन के साथ ही आरपी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दिया जायेगा।
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डीएम ने कहा है कि सम्बन्धित विभाग के कार्यालयाध्यक्ष, कार्मिकों को ड्यूटी से मुक्त किये जाने के लिए समिति गठित है। कर्मचारी द्वारा ड्युटी से मुक्ति के लिए आवेदन करने पर कार्यालयाध्यक्ष उसका परीक्षण करके टिप्पणी के साथ अग्रसारित करेंगे।आवेदन पत्र अग्रसारित करते समय यह कारण बताना होगा कि कार्मिक पूर्व में अशक्त थे तो साफ्टवेयर पर फीड करते समय ही उसका नाम क्यों नहीं हटा दिया गया। अशक्तता की स्थिति में कार्मिक अवकाश पर है तो कब से यदि अवकाश पर , यदि नहीं है तो क्यों। यदि कार्यालयाध्यक्ष बिना