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सितार-ए-मऊ के खिताब से नवाजे गए 13 विशिष्ट लोग
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 29 Sep 2015 11:56 PM IST
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एक शाम तालीम के नाम कार्यक्रम में मऊ निवासी अल्पसंख्यक समुदाय के 13 विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया गया। शिक्षा जगत के साथ ही अन्य क्षेत्रों में जनपद का नाम रोशन करने वाले इन लोगों को सम्मानित करने के लिए माइनारिटी स्टूडेंट फोरम मऊ के तत्वावधान सोमवार की देर शाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
नगर के छित्तनपुरा स्थित ईदगाह के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मऊ निवासी गाजीपुर जनपद के जिला जज शमशाद अहमद ने कहा कि मऊ में शिक्षा के प्रति जागरूकता है। इससे खुशी मिलती है। बस छात्र छात्राओं को विभिन्न पहलुओं से रूबरू होना आवश्यक है।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि शासन की ओर से शिक्षा की उन्नति के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। योजनाओं को सफल करने के लिये आवाम में जागरूकता की की जरूरत है।
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अल्पसंख्यक समुदाय के लिये शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। आयकर विभाग के उप निदेशक लियाकत अली आफाकी ने कहा कि छात्रों को अपने लक्ष्य तय करने से पूर्व मुकम्मल रूप से योजना बनानी चाहिए।
आईएएस उमर फारूक, वरिष्ठ सर्जन डा. अबु जफर, वरिष्ठ मोटिवेटर जमील अंसारी, प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत भाषा अधिकारी डा. अतहर अफजाल ने शिक्षा को जरूरी बताते हुए संस्थानों को शिक्षकों की नियुक्ति में मानक अपनाने की सलाह दी।
माइनारिटी स्टूडेंट फोरम मऊ के निदेशक एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने कहा कि सामाजिक एवं शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाए बिना उन्नति संभव नहीं है। नगरपालिका अध्यक्ष शाहीना अरशद जमाल ने कहा कि सम्मेलन का बुनियादी मकसद है अल्पसंख्यकों को कैसे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को प्रशिक्षण एवं कुशल बनाने के लिए बेहतर प्लेटफार्म की जरूरत है। कार्यक्रम के संयोजक अध्यक्ष एएमयू एसोसिएशन मऊ सहाबुददीन इंजीनियर ने सभी के प्रति आभार जताया और एएमयू के पूर्व छात्रों ने तराना प्रस्तुत किया। मुफ्ती अनवर अली, शेख असद अल-आजमी ओजैर गिरहस्त ने संबोधित किया।
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नगर के छित्तनपुरा स्थित ईदगाह के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मऊ निवासी गाजीपुर जनपद के जिला जज शमशाद अहमद ने कहा कि मऊ में शिक्षा के प्रति जागरूकता है। इससे खुशी मिलती है। बस छात्र छात्राओं को विभिन्न पहलुओं से रूबरू होना आवश्यक है।
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जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि शासन की ओर से शिक्षा की उन्नति के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। योजनाओं को सफल करने के लिये आवाम में जागरूकता की की जरूरत है।
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अल्पसंख्यक समुदाय के लिये शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। आयकर विभाग के उप निदेशक लियाकत अली आफाकी ने कहा कि छात्रों को अपने लक्ष्य तय करने से पूर्व मुकम्मल रूप से योजना बनानी चाहिए।
आईएएस उमर फारूक, वरिष्ठ सर्जन डा. अबु जफर, वरिष्ठ मोटिवेटर जमील अंसारी, प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्यरत भाषा अधिकारी डा. अतहर अफजाल ने शिक्षा को जरूरी बताते हुए संस्थानों को शिक्षकों की नियुक्ति में मानक अपनाने की सलाह दी।
माइनारिटी स्टूडेंट फोरम मऊ के निदेशक एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल ने कहा कि सामाजिक एवं शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाए बिना उन्नति संभव नहीं है। नगरपालिका अध्यक्ष शाहीना अरशद जमाल ने कहा कि सम्मेलन का बुनियादी मकसद है अल्पसंख्यकों को कैसे उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को प्रशिक्षण एवं कुशल बनाने के लिए बेहतर प्लेटफार्म की जरूरत है। कार्यक्रम के संयोजक अध्यक्ष एएमयू एसोसिएशन मऊ सहाबुददीन इंजीनियर ने सभी के प्रति आभार जताया और एएमयू के पूर्व छात्रों ने तराना प्रस्तुत किया। मुफ्ती अनवर अली, शेख असद अल-आजमी ओजैर गिरहस्त ने संबोधित किया।