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धड़ल्ले से बिक रहा बीमारी का सामान
ब्यूरो/ अमर उजाला, मऊ
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:30 PM IST
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गर्मी के मौसम में नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में बर्फ और प्लास्टिक पाउच में पानी की बिक्री जोरों पर है। प्लास्टिक के पाउच में सेक्रीन मिला पानी भरकर कारोबार किया जा रहा है। कई आइसक्रीम में हानिकारक रंग और सेक्रीन का उपयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग आंख मूंदे हुए है। अब तक किसी भी बर्फ या पानी का सैंपल विभाग से नहीं लिया गया है।
गर्मी व लू से निजात के लिए लोग शीतल पेय पदार्थ का सेवन करते देखे जा रहे हैं। जिसमें बर्फ की जमकर खपत हो रही है। लेकिन बर्फ की गुणवत्ता को लेकर न तो बेचने वाले सतर्क हैं, न ही लोग। शासन की ओर से खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत मिलावटी, बासी, खराब, सड़े, गले, सब स्टैंडर्ड पैकिंग की खाद्य सामग्री पर रोक लगाई गई है। लेकिन गर्मियों में एक बार भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजार में बिक रही बर्फ, पानी, आइसक्रीम की जांच नहीं की।
सूत्रों की मानें तो घनी आबादी में कई स्थानों पर चल रही गैर पंजीकृत आईस फैक्ट्रियों से नगर में तकरीबन 15 कुंतल बर्फ की आपूर्ति की जा रही है। बर्फ का प्रयोग मिल्क शेक, गन्ने के रस, मौसमी जूस आदि में खूब हो रहा है। लेकिन विभाग यह तक नहीं देख रहा कि किस प्रकार की पानी बर्फ जमाने में इस्तेमाल हो रहा है।
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गर्मी व लू से निजात के लिए लोग शीतल पेय पदार्थ का सेवन करते देखे जा रहे हैं। जिसमें बर्फ की जमकर खपत हो रही है। लेकिन बर्फ की गुणवत्ता को लेकर न तो बेचने वाले सतर्क हैं, न ही लोग। शासन की ओर से खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत मिलावटी, बासी, खराब, सड़े, गले, सब स्टैंडर्ड पैकिंग की खाद्य सामग्री पर रोक लगाई गई है। लेकिन गर्मियों में एक बार भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजार में बिक रही बर्फ, पानी, आइसक्रीम की जांच नहीं की।
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सूत्रों की मानें तो घनी आबादी में कई स्थानों पर चल रही गैर पंजीकृत आईस फैक्ट्रियों से नगर में तकरीबन 15 कुंतल बर्फ की आपूर्ति की जा रही है। बर्फ का प्रयोग मिल्क शेक, गन्ने के रस, मौसमी जूस आदि में खूब हो रहा है। लेकिन विभाग यह तक नहीं देख रहा कि किस प्रकार की पानी बर्फ जमाने में इस्तेमाल हो रहा है।
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