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Mau News: पूजे गए गिरिराज, व्रती बहनों ने की भाई की दीर्घायु की कामना
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मऊ। दीपोत्सव के बाद मंगलवार को जनपद के अनेक हिस्सों में गोवर्धन पूजा और भाई दूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। गोवर्धन पूजा में आराध्य देव गिरिराज की पूजा की गई। गोवर्धन पूजा करने के लिए घर के आंगन और गांव में सामूहिक स्थान पर गाय के गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाई गई। इसके बाद रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल और दीपक जलाकर गोवर्धन भगवान की पूजा की।
सभी ने अपने परिवार सहित श्रीकृष्ण स्वरूप गोवर्धन की सात प्रदक्षिणा किया। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से सच्चे दिल से गोवर्धन भगवान की पूजा करने से एवं गायों को गुड़ व चावल खिलाने से भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहती है। इस दिन गाय की पूजा करने से सभी पाप उतर जाते हैं और मोक्ष प्राप्त होता है। वहीं, भाईदूज पर भाई की मंगल कामना को लेकर बहनों ने व्रत रखा और भगवान गणपति की पूजा की। भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर बहनों ने उनकी लंबी उम्र की कामना की।
अधिकांश भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार भी दिया। बहनों ने स्नान कर निर्जला व्रत का संकल्प लिया और भगवान गणेश का पूूजन-अर्चन कर भाइयों की लंबी उम्र की कामना भी की। इसके साथ ही उनके आजीवन स्वस्थ रहने की प्रार्थना की। भाइयों ने भी उनकी रक्षा का संकल्प किया। भाई को माथे पर टीका लगाकर आरती भी उतारी और उनका मुंह भी मीठा कराया।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजभूमि के लोगों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा था। भगवान इंद्र ने किसी बात से क्रोधित होकर ब्रजवासियों पर कहर ढाना शुरू कर दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर रक्षा की थी। तभी से गोवर्धन पूजा शुरू हो गई। इसी मान्यता के तहत, नगर के भीटी, सहादतपुरा, मुंशीपुरा, ब्राह्मणटोला, निजामुद्दीनपुरा, चांदमारी इमिलिया सहित दर्जनों मुहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने विधि-विधान पूर्वक गोवर्धन पूजा की। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के पकवान भी तैयार किया।
पिपरीडीह क्षेत्र के पिपरीडीह, भार, रैकवारडीह,भार, सुअराबोझ, पिपरी, खरगजेपुर सहित विभिन्न गांवों में गोवर्धन पूजा तथा भइया दूज पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने गोलाकार आकृति बनाकर कथा सुनी और विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। बढुआ गोदाम क्षेत्र के परदहां, ताजोपुर, बहरीपुर, डुमरांव, बढुआ गोदाम सहित विभिन्न इलाकों में गोवर्धन पूजा तथा भइया दूज पर्व हर्षोंल्लास पूर्वक मनाया गया। चिरैयाकोट, कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भैया दूज का पर्व उत्साहपूर्वक ढंग से मनाया गया। बहनों ने व्रत रखकर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर अच्छे अच्छे पकवान बनाए गए। मौके पर भाइयों ने छोटी बहनों को उपहार भी दिया।
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सभी ने अपने परिवार सहित श्रीकृष्ण स्वरूप गोवर्धन की सात प्रदक्षिणा किया। मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से सच्चे दिल से गोवर्धन भगवान की पूजा करने से एवं गायों को गुड़ व चावल खिलाने से भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहती है। इस दिन गाय की पूजा करने से सभी पाप उतर जाते हैं और मोक्ष प्राप्त होता है। वहीं, भाईदूज पर भाई की मंगल कामना को लेकर बहनों ने व्रत रखा और भगवान गणपति की पूजा की। भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर बहनों ने उनकी लंबी उम्र की कामना की।
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अधिकांश भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार भी दिया। बहनों ने स्नान कर निर्जला व्रत का संकल्प लिया और भगवान गणेश का पूूजन-अर्चन कर भाइयों की लंबी उम्र की कामना भी की। इसके साथ ही उनके आजीवन स्वस्थ रहने की प्रार्थना की। भाइयों ने भी उनकी रक्षा का संकल्प किया। भाई को माथे पर टीका लगाकर आरती भी उतारी और उनका मुंह भी मीठा कराया।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजभूमि के लोगों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा था। भगवान इंद्र ने किसी बात से क्रोधित होकर ब्रजवासियों पर कहर ढाना शुरू कर दिया था। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर रक्षा की थी। तभी से गोवर्धन पूजा शुरू हो गई। इसी मान्यता के तहत, नगर के भीटी, सहादतपुरा, मुंशीपुरा, ब्राह्मणटोला, निजामुद्दीनपुरा, चांदमारी इमिलिया सहित दर्जनों मुहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने विधि-विधान पूर्वक गोवर्धन पूजा की। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के पकवान भी तैयार किया।
पिपरीडीह क्षेत्र के पिपरीडीह, भार, रैकवारडीह,भार, सुअराबोझ, पिपरी, खरगजेपुर सहित विभिन्न गांवों में गोवर्धन पूजा तथा भइया दूज पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने गोलाकार आकृति बनाकर कथा सुनी और विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। बढुआ गोदाम क्षेत्र के परदहां, ताजोपुर, बहरीपुर, डुमरांव, बढुआ गोदाम सहित विभिन्न इलाकों में गोवर्धन पूजा तथा भइया दूज पर्व हर्षोंल्लास पूर्वक मनाया गया। चिरैयाकोट, कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भैया दूज का पर्व उत्साहपूर्वक ढंग से मनाया गया। बहनों ने व्रत रखकर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर अच्छे अच्छे पकवान बनाए गए। मौके पर भाइयों ने छोटी बहनों को उपहार भी दिया।