{"_id":"5dd43fea8ebc3e54a926bb25","slug":"ghazipur-news-mau-news-vns4952933144","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन जारी रहा बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों का कार्य बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन जारी रहा बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों का कार्य बहिष्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। विद्युत कर्मचारी, संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में पीएफ घोटाले सहित विभिन्न मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों तथा अधिकारियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। बिजलीकर्मियों तथा अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार कर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद खुुली सभा का आयोजन किया गया। कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। उपभोक्ता इधर उधर भटकते देखे गए।
इस मौके पर जनपद संयोजक सूर्यदेव पांडेय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन तथा शासन स्तर पर विद्युतकर्मियों की समस्याओं के समाधान एवं पीएफ के पैसे के भुगतान के दायित्व लेने की अधिसूचना जारी करने में टालू एवं अड़ियल रवैया अपनाए जाने कारण विद्युत कर्मियों एवं अभियंताओं को 48 घंटे के कार्य बहिष्कार आंदोलन को जारी रखने के लिए विवश होना पड़ा है। शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन जीपीएफ ट्रस्ट की गाईड लाइन का खुला उल्लघंन करते हुए कर्मचारियों, अधिकारियों के पीएफ के 99 प्रतिशत धनराशि को हाउस फाइनेंस कंपनियों में लगा दिया गया जो की अनुसूचित बैंक की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसमें किया गया निवेश असुरक्षित होता है। कर्मचारियों, अधिकारियों के पीएफ के संपूर्ण धनराशि के 65 प्रतिशत धनराशि को अकेले दीवान हाउसिंग फाइनेंस में लगा दिया गया। इस प्रकार कर्मचारियों के पीएफ के पैसे को खुले रूप से लुटाया गया है। इसके लिए शासन एवं प्रबंधन अपने दायित्व से इंकार नही कर सकते हैं। विद्युत विभाग में निजीकरण के समस्त प्रकार के प्रक्रिया पर रोक लगाए। श्रर्मिक नेता रामजनम सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग से ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर संविदा कर्मियों को तेलांगाना सरकार की तर्ज पर नियमित किया जाए। संविदाकर्मियों के ईपीएफ कटौती में हुए भारी घोटाले की जांच कराकर दोषी व्यक्तियों को दंडित किया जाए। अंत में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि 20 नवंबर से राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजिनियर संगठन की तरफ से शुरू प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार आंदोलन को ऊर्जा क्षेत्र में अपना समर्थन देगी।
इस अवसर पर अरविंद यादव, भानू प्रताप, देवेंद्र उपाध्याय, आशुतोष त्रिपाठी, सुशील सोनी, सुधीर कुमार, विवेक खरवार, जीसी गौतम आदि ने संबोधित किया।
विज्ञापन
इस मौके पर जनपद संयोजक सूर्यदेव पांडेय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन तथा शासन स्तर पर विद्युतकर्मियों की समस्याओं के समाधान एवं पीएफ के पैसे के भुगतान के दायित्व लेने की अधिसूचना जारी करने में टालू एवं अड़ियल रवैया अपनाए जाने कारण विद्युत कर्मियों एवं अभियंताओं को 48 घंटे के कार्य बहिष्कार आंदोलन को जारी रखने के लिए विवश होना पड़ा है। शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन जीपीएफ ट्रस्ट की गाईड लाइन का खुला उल्लघंन करते हुए कर्मचारियों, अधिकारियों के पीएफ के 99 प्रतिशत धनराशि को हाउस फाइनेंस कंपनियों में लगा दिया गया जो की अनुसूचित बैंक की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसमें किया गया निवेश असुरक्षित होता है। कर्मचारियों, अधिकारियों के पीएफ के संपूर्ण धनराशि के 65 प्रतिशत धनराशि को अकेले दीवान हाउसिंग फाइनेंस में लगा दिया गया। इस प्रकार कर्मचारियों के पीएफ के पैसे को खुले रूप से लुटाया गया है। इसके लिए शासन एवं प्रबंधन अपने दायित्व से इंकार नही कर सकते हैं। विद्युत विभाग में निजीकरण के समस्त प्रकार के प्रक्रिया पर रोक लगाए। श्रर्मिक नेता रामजनम सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग से ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर संविदा कर्मियों को तेलांगाना सरकार की तर्ज पर नियमित किया जाए। संविदाकर्मियों के ईपीएफ कटौती में हुए भारी घोटाले की जांच कराकर दोषी व्यक्तियों को दंडित किया जाए। अंत में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि 20 नवंबर से राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजिनियर संगठन की तरफ से शुरू प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार आंदोलन को ऊर्जा क्षेत्र में अपना समर्थन देगी।
विज्ञापन
इस अवसर पर अरविंद यादव, भानू प्रताप, देवेंद्र उपाध्याय, आशुतोष त्रिपाठी, सुशील सोनी, सुधीर कुमार, विवेक खरवार, जीसी गौतम आदि ने संबोधित किया।