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कोपागंज रेलवे स्टेशन पर अमान परिवर्तन के तहत हो रहा प्लेटफार्म निर्माण कार्य।संवाद
- फोटो : MAU
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मऊ। इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन का काम शिलान्यास के साढ़े पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। पिछले साल भारी बारिश से हुए जल जमाव की समस्या के मद्देनजर रेलवे लाइन को दो मीटर ऊंचा करने के साथ ही 12 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। अब तक 45 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो पाया है। निर्माण कार्य पूरा न होने से 100 गांवों की एक लाख आबादी परेशान हो रही है। 2016 में 165 करोड़ की लागत से इसका शिलान्यास किया गया था। इसे 2019 मेें पूरा होना था। लेकिन तकनीकी पेंच के चलते अब नवंबर 2022 तक इसे पूरा करने को कहा गया है। 35 किमी लंबे इंदारा-दोहरीघाट रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। 20 अक्तूबर 2016 को तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी थी। जबकि एक फरवरी 2018 को केंद्र सरकार ने पेश बजट में आमान परिवर्तन के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। कार्य को 2019 में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। तकनीकी समस्या के चलते लगातार समय सीमा बढती जा रही है। पिछले साल भारी बारिश से जलभराव की समस्या के चलते रेलवे लाइन को दो मीटर ऊंचा करने के साथ ही 12 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए कई बार जिले के अलग-अलग संगठनों ने रेल अधिकारियों को पत्रक देने के साथ धरना-प्रदर्शन भी किया। लेकिन नतीजा सिफर है। रेलवे ने एक फरवरी 2018 को इस रेलमार्ग पर संचालित होने वाली रेलबस बंद कर नवंबर 2018 से आमान परिवर्तन का काम शुरू कराया। इंदारा से दोहरीघाट के बीच चलने वाली यह रेल बस प्रतिदिन दिन में चार चक्कर लगाती थी। इस दौरान इसमें कोपागंज, घोसी, दोहरीघाट ब्लाक के 100 गांवों से प्रतिदिन 200 से ज्यादा लोग यात्रा करते थे। मामूली टिकट दस रुपया होने के चलते इस रूट के लोगों की रेल बस पहली पंसद हुआ करती थी। इसके बंद होने से लोगों में खासी नाराजगी थी। लोगों ने प्रदर्शन भी किया। लेकिन रेलवे ने नहीं सुनी। अब लोगों को आवागमन के लिए बस या फिर निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कृष्णा सिंह, डिप्टी चीफ इंजीनियर, रेलवे ने बताया कि इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन का कार्य चल रहा है। 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट पूरा होने की समय सीमा नवंबर 2022 निर्धारित की गई है। समय पर प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा।
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