फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Gale, Rains Crop Crops

आंधी, बारिश से फसलें जमींदोज

Wed, 17 Apr 2019 10:58 PM IST
mau Published by: पवन सिंह Updated Wed, 17 Apr 2019 10:58 PM IST
विज्ञापन
Gale, Rains Crop Crops
बारिश और हवा से बेकार हुई गेहूं की फसल।
जिले के विभिन्न इलाकों में तेज हवा के साथ कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बारिश हुई। मौसम तो खुशनुमा हो गया, लेकिन प्रकृति ने किसानों पर कहर बरपा दिया।  बारिश से गेहूं तथा आम, अरहर की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। फसले जमींदोज हो गईं। खेतों में काटकर छोड़ा गया गेहूं का डंठल तेज आंधी में उड़ गया और मड़ाई के लिए रखे गए गेहूं के बोझ पूरी तरह भींग गए। ऐसे में कटाई मड़ाई बाधित हो गई है। एक पखवारे में दूसरी बार खेती किसानी पर प्रकृति ने कहर बरपाया है।
विज्ञापन


जिले में 97 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है। फसल पककर तैयार है। अभी मात्र 11 प्रतिशत ही कटाई मंड़ाई हो पाई है कि प्रकृति ने किसानों पर मौसम का कहर बरपा दिया। बुधवार को सुबह से ही बदली और तेज हवा के चलने का क्रम शुरू हो गया था। दोपहर बाद तेज हवा के साथ बूंदाबांदी तो कहीं बारिश शुरू हुई। तेज हवा के साथ बारिश होने से फसलें जमीदोंज हो गई। कृषि विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से बीज की खेती कर रहे  बीज उत्पादक किसानों को फसल गुणवत्ता पर असर पड़ने का डर सताने लगा है। बारिश के बाद कटाई तथा मंड़ाई कार्य ठप होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा रही है। तेज हवा चलने से आम में लगे फल झड़ गए। परदहां ब्लाक क्षेत्र के शिवकुमार यादव, हीरा प्रजापति, महेंद्र सिंह, रामसमुझ यादव का का कहना था कि खेत में मड़ाई के लिए रखे बोझ के भींग जाने से दाने के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
विज्ञापन


कटाई मंडाई ठप हो गई है। ऐसे में कुछ समझ में नहीं आ रहा है। पिपरीडीह / रानीपुर  : क्षेत्र के पिपरीडीह, भार रैकवारेडीह, ओन्हाइच, खरगजेपुर, सुवराबोझ, बबुआपुर, सरेजा, मंसड़ी, उस्मानपुर, पतिला, हासपुर, रानीपुर क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश हुई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की पकी फसल जमीदोज हो गई। वहीं आम में लगे फल झड़ गए। मधुबन: क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में तेज हवा के साथ बूंदबांदी हुई। मौसम के रुख से किसान परेशान रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह का कहना है कि बारिश होने से गेहूं के दाने में नमी की मात्रा बढ़ गई है। डंठल में नमी होने से कटाई मंड़ाई कई दिनों तक नहीं हो पाएगी। मौसम साफ हो जाता है तो नुकसान नहीं होगा। लेकिन मौसम खराब होने की स्थिति में दाने में अंकुरण हो सकता है। किसानों को गेहूं को पूरी तरह सूखाकर और दवाओं को रखकर ही भंडारण करना चाहिए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed