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बाल संप्रेक्षण गृह का ताला तोड़कर चार किशोर फरार
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Sat, 05 Sep 2015 12:10 AM IST
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बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) का ताला तोड़कर गुरुवार की रात चार किशोर फरार हो गए। सुबह जब अधीक्षक और कर्मचारियों को यह जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। उनकी तलाश में पुलिस ही नहीं विभागीय कर्मचारियों की भी टीमें लगाई गई हैं।
सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट, प्रोबेशन अधिकारी ने मौका मुआयना किया। फरार बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें दो किशोर चोरी, एक दुराचार और एक छेड़खानी का आरोपी है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देने के साथ ही अधीक्षक के वेतन पर रोक लगा दी है।
मुंशीपुरा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) में बाल संपेक्षण गृह में कुल 56 बंदी हैं। गुरुवार की रात सभी भोजन करने के बाद सो गए। कर्मचारी भी लाकअप का ताला बंद कर आराम करने लगे।
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अधीक्षक यशोदानंद तिवारी भी अपने घर चले गए। इसी बीच देर रात चार बंदी लाकअप का ताला तोड़कर फरार हो गए। सुबह जब कर्मचारियों की नींद खुली तो लाकअप का ताला टूटा देखकर उनके होश उड़ गए।
उन्होंने अंदर जाकर देखा तो चार किशोर बंदी नहीं मिले। फरार होने वाले चारों किशोर बंदी आजमगढ़ के रहने वाले हैं। सभी की उम्र 14 से 17 वर्ष है।
सुबह घटना का पता चलने पर कर्मचारियों ने बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) के अधीक्षक यशोदानंद तिवारी और जिला प्रशासन को सूचना दी। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय, प्रोबेशन अधिकारी आदि पहुंचे। उन्होंने बंदियों की गिनती कराई और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी।
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सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट, प्रोबेशन अधिकारी ने मौका मुआयना किया। फरार बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें दो किशोर चोरी, एक दुराचार और एक छेड़खानी का आरोपी है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देने के साथ ही अधीक्षक के वेतन पर रोक लगा दी है।
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मुंशीपुरा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) में बाल संपेक्षण गृह में कुल 56 बंदी हैं। गुरुवार की रात सभी भोजन करने के बाद सो गए। कर्मचारी भी लाकअप का ताला बंद कर आराम करने लगे।
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अधीक्षक यशोदानंद तिवारी भी अपने घर चले गए। इसी बीच देर रात चार बंदी लाकअप का ताला तोड़कर फरार हो गए। सुबह जब कर्मचारियों की नींद खुली तो लाकअप का ताला टूटा देखकर उनके होश उड़ गए।
उन्होंने अंदर जाकर देखा तो चार किशोर बंदी नहीं मिले। फरार होने वाले चारों किशोर बंदी आजमगढ़ के रहने वाले हैं। सभी की उम्र 14 से 17 वर्ष है।
सुबह घटना का पता चलने पर कर्मचारियों ने बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) के अधीक्षक यशोदानंद तिवारी और जिला प्रशासन को सूचना दी। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय, प्रोबेशन अधिकारी आदि पहुंचे। उन्होंने बंदियों की गिनती कराई और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी।