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Mau News: एससी-एसटी एक्ट में तीन सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास

Tue, 22 Oct 2024 11:58 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 11:58 PM IST
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Four people including three brothers sentenced to life imprisonment under SC-ST Act
विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हरेंद्र प्रसाद ने अनुसूचित जाति/ जनजाति के व्यक्तियों के साथ मारपीट कर गैर इरादतन हत्या करने के मामले में सजा सुनाई। इसके तहत नामजद सात आरोपियों में से तीन सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 22-22 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं तीन के नाबालिग होने के चलते उनकी पत्रावली अलग का किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।
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मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र के विरैचा गांव का है। अभियोजन के अनुसार विरैचा गांव निवासिनी सितारा देवी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही जनार्दन यादव रामवृक्ष यादव व संगी उर्फ संतराज, परमा समेत सात को नामजद किया। वादिनी का आरोप था कि उसके पति राम नारायण 19 मार्च 2003 की सुबह 8 बजे पट्टे वाली जमीन में घास काटने गए थे। उसी दौरान आरोपीगण उन्हें मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिए। इस दौरान वादिनी सितारा देवी, रामअवध व सरिता को भी आरोपियों ने मारपीट कर घायल कर दिया था। घायल राम नारायण की मौत हो गई। पुलिस ने बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से 11 गवाहों को पेश किए। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी जनार्दन यादव, रामवृक्ष यादव, संगी उर्फ संतराज और परमा को एससी/एसटी एक्ट, गैर इरादत हत्या, बलवा मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने, गाली,धमकी व नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को एससी/ एसटी एक्ट में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 10 -10 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। गैर इरादतन हत्या के मामले में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा के साथ ही 5-5 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। वहीं बलवा के मामले में दो-दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही एक- एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। मारपीट के मामले में एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया। गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया। गाली ,धमकी देने और नुकसान करने के मामले में दो-दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं तीन के नाबालिग होने के चलते उनकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेज दी गई।
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