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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Forgetting the elderly, sometimes the geriatric ward is being turned into a dengue ward and sometimes a heat wave ward

Mau News: बुजुर्गाेें को भूले, जिरियाट्रिक वार्ड को कभी डेंगू तो कभी लू वार्ड बना रहे

Tue, 18 Feb 2025 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2025 11:06 PM IST
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Forgetting the elderly, sometimes the geriatric ward is being turned into a dengue ward and sometimes a heat wave ward
मऊ। बुजुर्ग मरीजों को सुविधा देने के लिए जिला अस्पताल द्वारा जिरियाट्रिक वार्ड की सुविधा का दावा किया जाता है। हकीकत यह है कि वार्ड तीन साल पहले तो शुरू किया गया लेकिन उसे एक माह संचालित करने के बाद बंद कर दिया गया। जबकि इसी वार्ड को कभी लू वार्ड तो कभी डेंगू वार्ड में बना दिया जाता हैं।
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जबकि बुजुर्ग मरीजों को अन्य मरीजों के साथ उन्हीं वार्ड में रखा जा रहा है, जबकि शासन की नजर में अस्पताल में यह सुविधा संचालित होना है। जबकि वर्तमान में ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में बीस फीसदी बुजुर्ग हैं ।
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अमर उजाला द्वारा मंगलवार को इस वार्ड को लेकर जब पड़ताल की गई तो जिरियाट्रिक वार्ड के बजाए डेंगू वार्ड मिला। दौरान अमर उजाला की टीम से सरवाँ निवासी बुजुर्ग मरीज केशव राम ने बताया कि उन्हें ऐसे किसी वार्ड की जानकारी नहीं है, वह बीते पांच दिनों से वार्ड में भर्ती हैं।
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जबकि गोठा निवासी श्रीनिवास ने भी ऐसे किसी वार्ड के न होने पर अन्य मरीजों के साथ चार दिन दिन से भर्ती हैं।
तीन साल पहले तत्कालीन सीएमएस डॉक्टर बृज कुमार के समय बुजुर्ग मरीजों के बेहतर इलाज के लिए दस बेड का जिरियाट्रिक वार्ड शुरू किया गया था। उस समय इस वार्ड में बुजुर्ग मरीजों के इलाज व उनकी देखभाल लिए 24 घंटे चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी की व्यवस्था की गई। इस वार्ड में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हार्टअटैक सहित कई बीमारियों से ग्रसित बुजुर्ग मरीजों का इलाज किया जा रहा था।

इस वार्ड में मरीजों के बेहतर इलाज व देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, तीन स्टाफ नर्स, दो सेनेट्ररी अटेंडेंट की तैनाती की गई थी। जहां ओपीडी में आने वाले मरीजों में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इस वार्ड में भर्ती किया जा रहा था। शुरू में इस वार्ड के बन जाने से बेसहारा व वृद्धा आश्रम में रहने वाले वृद्धों को इलाज में काफी सहूलियत मिली।
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