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Mau News: दहेज हत्या के मामले में पति, सास, ससुर सहित पांच को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा

Wed, 14 Aug 2024 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2024 12:47 AM IST
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Five including husband sentenced to 10 years rigorous imprisonment in dowry death case
मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक ने कहा कि अपराध की प्रकृति और उसके प्रभाव को देखते सभी को दहेज हत्या के मामले में दस दस वर्ष की कठोर सजा दी जाती है।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक मिथिलेश कुमार त्रिपाठी ने दहेज हत्या के मामले में नामजद पति, सास, ससुर सहित एक ही परिवार के पांच लोगों को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 13-13 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर आधी धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
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अभियोजन के अनुसार कोतवाली घोसी क्षेत्र के विक्कमपुर गांव निवासी रामभजन विश्वकर्मा पुत्र स्व. हरिनंदन विश्वकर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सरायलखंसी थाना क्षेत्र के खानपुर मठिया गांव निवासी पति राकेश विश्वकर्मा, जेठ सत्येंद्र विश्वकर्मा पुत्रगण केदार विश्वकर्मा, ससुर केदार विश्वकर्मा पुत्र स्व. इंद्रदेव विश्वकर्मा, सास विद्यावती पत्नी केदार विश्वकर्मा और जेठानी मीरा पत्नी सत्येंद्र विश्वकर्मा को नामजद किया। वादी का कथन था कि उसकी पुत्री निर्मला की शादी राकेश विश्वकर्मा के साथ हुई थी। आरोप है कि दहेज के लिए आरोपीगण उसकी पुत्री निर्मला को प्रताड़ित करते थे तथा दहेज के लिए 30 अक्टूबर 2018 को निर्मला की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी ने कुल नौ गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण राकेश विश्वकर्मा, सत्येंद्र विश्वकर्मा, केदार विश्वकर्मा, विद्यावती और मीरा को प्रताड़ना, दहेज के लिए हत्या, धमकी और दहेज की मांग करने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सभी को दहेज हत्या के मामले में 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा, प्रताड़ना के मामले में 2-2 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10- 10 हजार रुपये अर्थदंड, धमकी देने के मामले में एक -एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपए अर्थदंड लगाया। वहीं दहेज की मांग करने के मामले में एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही अर्थदंड जमा हो जाने पर आधी धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया।
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