{"_id":"5d1cf6498ebc3e3cc6676770","slug":"five-health-workers-including-two-doctors-missing-in-inspection-of-cmo-mau-news-vns4709559104","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएमओ के निरीक्षण में गायब मिले दो चिकित्सक सहित पांच स्वास्थ्य कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएमओ के निरीक्षण में गायब मिले दो चिकित्सक सहित पांच स्वास्थ्य कर्मचारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमिला। गत दिनों ही जिले में स्वास्थ्य मंत्री दौरा करने के बाद जिले के सरकारी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की मनमाने रवैया में कोई बदलाव आता नहीं दिख रहा है। इसकी बानगी बुधवार को बड़राव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिला। जब सीएमओ के औचक निरीक्षण में दो चिकित्सक सहित पांच स्वास्थ्य कर्मचारी गायब मिले। यहीं नहीं दो घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद ओपीडी में केवल 14 मरीज ही देेखे गए थे। ऐसे में पता चलता है कि उपस्थित डाक्टर भी सीएमओ के पहुंचने से कुछ समय पहले अस्पताल में पहुंचे थे। वहीं मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से जानकारी लेने पर वो सीएमओ को सही जवाब नहीं दे सके। सीएमओ ने गायब चिकित्सकों तथा कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।
बुधवार को सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह बड़राव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। अस्पताल पहुंचे सीएमओ सबसे पहले अस्पताल के प्रभारी के कक्ष में पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थिति रजिस्ट्रर की जांच की। जांच में उन्हें दो चिकित्सक डॉ. प्रदीप मौर्या, डॉ. अनिल जसवार अनुपस्थित मिले। यहीं नहीं तीन स्वास्थ्य कर्मचारी विजयकुमार शर्मा, सूर्यप्रकाश यादव, प्रमिला गुप्ता भी गायब मिले। जांच में पता चला कि डॉ. प्रदीप मौर्या ने अपने अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उनके द्वारा हस्ताक्षर नहीं किया गया था। वहीं अस्पताल के बड़े बाबू नरसिंह द्वारा आरबीएसके टीम के माइक्रोप्लान के बारे में जानकारी लेने पर वो जानकारी नहीं दे सका। यहीं एक महिला कर्मचारी के मेटरनिटी लीव को लेकर सीएमओ ने बड़े बाबू को कड़ी फटकार लगाया। इसके बाद सीएमओ ओपीडी में पहुंचे, जहां दो डाक्टरों द्वारा उस समय तक 14 मरीज देखा गया था। जबकि ओपीडी सुबह आठ बजे से ही शुरू हो चुकी थी। इसीक्रम में सीएमओ ने वितरण काउंटर तथा स्टाक रूम का रजिस्टर चेक करने पर एंटीरैबिज इंजेक्शन का स्टॉक की जानकारी ली। सीएमओ ने गायब चिकित्सकों तथा कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके बाद वो अमिला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पहुंचे। लेकिन यहां सभी चिकित्सक तथा कर्मचारी उपस्थित मिले।
विज्ञापन
बुधवार को सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह बड़राव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। अस्पताल पहुंचे सीएमओ सबसे पहले अस्पताल के प्रभारी के कक्ष में पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थिति रजिस्ट्रर की जांच की। जांच में उन्हें दो चिकित्सक डॉ. प्रदीप मौर्या, डॉ. अनिल जसवार अनुपस्थित मिले। यहीं नहीं तीन स्वास्थ्य कर्मचारी विजयकुमार शर्मा, सूर्यप्रकाश यादव, प्रमिला गुप्ता भी गायब मिले। जांच में पता चला कि डॉ. प्रदीप मौर्या ने अपने अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन उनके द्वारा हस्ताक्षर नहीं किया गया था। वहीं अस्पताल के बड़े बाबू नरसिंह द्वारा आरबीएसके टीम के माइक्रोप्लान के बारे में जानकारी लेने पर वो जानकारी नहीं दे सका। यहीं एक महिला कर्मचारी के मेटरनिटी लीव को लेकर सीएमओ ने बड़े बाबू को कड़ी फटकार लगाया। इसके बाद सीएमओ ओपीडी में पहुंचे, जहां दो डाक्टरों द्वारा उस समय तक 14 मरीज देखा गया था। जबकि ओपीडी सुबह आठ बजे से ही शुरू हो चुकी थी। इसीक्रम में सीएमओ ने वितरण काउंटर तथा स्टाक रूम का रजिस्टर चेक करने पर एंटीरैबिज इंजेक्शन का स्टॉक की जानकारी ली। सीएमओ ने गायब चिकित्सकों तथा कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके बाद वो अमिला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी पहुंचे। लेकिन यहां सभी चिकित्सक तथा कर्मचारी उपस्थित मिले।
विज्ञापन