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जनपद में बिना लाइसेंस भी बिक रहे पटाखे
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जिले में बिना लाइसेंस दुकानों पर पटाखे बेचे जा रहे हैं। ऐसा जिला मुख्यालय पर ही नहीं बल्कि छोटे छोटे बाजारों में भी हो रहा है। दीपावली से लेकर छठ तक पटाखों की मांग अधिक होने से छोटे-छोटे दुकानदारों ने भी पटाखों का भंडारण शुरू कर दिया है। हालांकि दीपावली से पहले अग्निशमन विभाग की ओर से पटाखों की दुकान लगाने का अस्थायी लाइसेंस दिया जाता है।
यूं तो जिला मुख्यालय से लेकर कसबों अथवा बाजारों में हाथों से पटाखे बनाए नहीं जाते हैं लेकिन दीपावली नजदीक आते ही पटाखों की खरीदारी छोटे दुकानदार थोक विक्रेताओं से करने लगते हैं। ये छोटे दुकानदार पटाखे खरीदकर अपने घरों गोदामों में इन पटाखों को रखते हैं। दीपावली पर इनकी बिक्री जोरों पर की जाती है। ये सब बिना लाइसेंस किया जाता है। कभी कभार इन दुकानों पर पटाखों के फूट जाने से छोटी छोटी दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। जिले भर में पटाखों को बेंचने अथवा सीमित संख्या में भंडारण करने का स्थायी लाइसेंस केवल चार दुकानदारों को दिया गया है। इनमें जिला मुख्यालय, कोपागंज, घोसी और मुहम्मदाबाद गोहना में एक एक दुकानों के स्थायी लाइसेंस दिए गए हैं लेकिन जिला मुख्यालय सहित कोपागंज, चिरैयाकोट, अदरी, घोसी, रतनपुरा, मधुबन, मर्यादपुर, दोहरीघाट, अमिला, मुहम्मदाबाद गोहना, वलीदपुर सहित छोटे छोटे बाजारों में पटाखे धड़ल्ले से बिकते हैं। दीपावली से लेकर छठ पर्व तक पटाखों की बिक्री तो होती ही है। इसके अलावा शादी विवाहों और अन्य अवसरों पर पटाखों का उपयोग होता है। इसके लिए बिना लाइसेंस की दुकानों से खरीदारी की जाती है। मुकामी पुलिस इनकी अनदेखी करती है।
पटाखों से होने वाले खतरे से बचाव के लिए समय समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। अवैध रूप से पटाखे बेचने और भंडारण करने वालों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई करती है।-सुभाष कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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यूं तो जिला मुख्यालय से लेकर कसबों अथवा बाजारों में हाथों से पटाखे बनाए नहीं जाते हैं लेकिन दीपावली नजदीक आते ही पटाखों की खरीदारी छोटे दुकानदार थोक विक्रेताओं से करने लगते हैं। ये छोटे दुकानदार पटाखे खरीदकर अपने घरों गोदामों में इन पटाखों को रखते हैं। दीपावली पर इनकी बिक्री जोरों पर की जाती है। ये सब बिना लाइसेंस किया जाता है। कभी कभार इन दुकानों पर पटाखों के फूट जाने से छोटी छोटी दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। जिले भर में पटाखों को बेंचने अथवा सीमित संख्या में भंडारण करने का स्थायी लाइसेंस केवल चार दुकानदारों को दिया गया है। इनमें जिला मुख्यालय, कोपागंज, घोसी और मुहम्मदाबाद गोहना में एक एक दुकानों के स्थायी लाइसेंस दिए गए हैं लेकिन जिला मुख्यालय सहित कोपागंज, चिरैयाकोट, अदरी, घोसी, रतनपुरा, मधुबन, मर्यादपुर, दोहरीघाट, अमिला, मुहम्मदाबाद गोहना, वलीदपुर सहित छोटे छोटे बाजारों में पटाखे धड़ल्ले से बिकते हैं। दीपावली से लेकर छठ पर्व तक पटाखों की बिक्री तो होती ही है। इसके अलावा शादी विवाहों और अन्य अवसरों पर पटाखों का उपयोग होता है। इसके लिए बिना लाइसेंस की दुकानों से खरीदारी की जाती है। मुकामी पुलिस इनकी अनदेखी करती है।
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पटाखों से होने वाले खतरे से बचाव के लिए समय समय पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। अवैध रूप से पटाखे बेचने और भंडारण करने वालों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई करती है।-सुभाष कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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