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अज्ञात कारणों से बोरा गोदाम में लगी आग, लाखों का माल जलकर नष्ट:
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घोसी (मऊ)। घोसी कोतवाली क्षेत्र के पकड़ी मोड़ स्थित बोरा गोदाम में शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। अगलगी की इस घटना में गोदाम में रखा करीब चार लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आगलगी की सूचना पर मौके पर पहुंचे सीओ नरेश कुमार और तहसीलदार पीसी श्रीवास्तव के साथ कोतवाल नागेश उपाध्याय ने सड़क पर आवागमन रोककर आग बुझाने में उपस्थित पुलिस कर्मचारियों के साथ जनता को आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग पर काबू पाने में लग गए। परंतु थोड़े देर बाद पानी खत्म हो गया। बाद में आई छोटी गाड़ी से पानी डालकर आग पर काबू पाने में लग गए। करीब तीन घंटों के मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घोसी नगर के पकड़ी रोड निवासी हीरानंद जायसवाल पुराने बोरो को खरीद कर उसको सही कराकर थोक व फुटकर में बेचने का कार्य करते हैं। पकड़ी रोड पर सड़क किनारे इनका बोरा रखने की गोदाम है।जिसमें चार लाख से अधिक का बोरा गोदाम में रखा था। शुक्रवार की दोपहर दो बजे गोदाम से धुआं निकलता देख कर वहा मौजूद लोग इसकी सूचना हीरानंद जायसवाल के परिजनों को दिया।
आग का धुआं देख कर लोग गोदाम में रखा बोरों को निकाल कर हटाने लगे, लेकिन गोदाम में धुंआ भरने तथा डर कर लोग अंदर जाने से डर रहे थे। आसपास हैंडपंप न होने और साधन की कमी के चलते आग बुझाने में बहुत परेशानी हुई। घंटो बाद आग पर आग पर काबू पाया जा सका। फायर ब्रिगेड के गाड़ियों, औजार के पुराने होने और पानी की कमी के चलते आग पर काबू आने में बहुत परेशानी हुई।
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आग बुझाने के लिए पानी का संकट
घोसी। नगर पंचायत घोसी नगर चार किमी क्षेत्र में फैला है। यहां 45 हजार लोग निवास करते हैं। परंतु पूरे नगर में फायरब्रिगेड की गाड़ियों में पानी भरने के लिए हाईडेंट नहीं है। इसके चलते शुक्रवार को नगर के पकड़ी रोड स्थित हीरानंद जायसवाल के बोरा गोदाम में लगी आग को काबू पाने में घंटों लग गया। यदि नगर में कई जगहों पर हाईडेंट बने होते तो आग पर जल्द ही काबू पाया जा सकता था। साथ ही फायरब्रिगेड के बहुत पुराने वाहन भी ठीक से काम नहीं कर सके।
नगर के व्यापारी मुन्नाप्रसाद गुप्ता, करन सिंह का कहना था कि यदि पानी की व्यवस्था रहती तो जल्द ही आग पर काबू पाया जा सकता था। नगर के अधिकांश मुहल्ले घनी आबादी के हैं। हाईडेंट जरूरी है। नगर के करीमुद्दीनपुर निवासी बाबूभाई, श्रीकृष्ण वर्मा ने बताया कि हाईडेंट बना होता तो आग पर जल्द काबू हो गया होता। अमिला में तीन वर्ष से बन रहे फायरब्रिगेड के कार्यालय को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए।
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सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग पर काबू पाने में लग गए। परंतु थोड़े देर बाद पानी खत्म हो गया। बाद में आई छोटी गाड़ी से पानी डालकर आग पर काबू पाने में लग गए। करीब तीन घंटों के मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घोसी नगर के पकड़ी रोड निवासी हीरानंद जायसवाल पुराने बोरो को खरीद कर उसको सही कराकर थोक व फुटकर में बेचने का कार्य करते हैं। पकड़ी रोड पर सड़क किनारे इनका बोरा रखने की गोदाम है।जिसमें चार लाख से अधिक का बोरा गोदाम में रखा था। शुक्रवार की दोपहर दो बजे गोदाम से धुआं निकलता देख कर वहा मौजूद लोग इसकी सूचना हीरानंद जायसवाल के परिजनों को दिया।
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आग का धुआं देख कर लोग गोदाम में रखा बोरों को निकाल कर हटाने लगे, लेकिन गोदाम में धुंआ भरने तथा डर कर लोग अंदर जाने से डर रहे थे। आसपास हैंडपंप न होने और साधन की कमी के चलते आग बुझाने में बहुत परेशानी हुई। घंटो बाद आग पर आग पर काबू पाया जा सका। फायर ब्रिगेड के गाड़ियों, औजार के पुराने होने और पानी की कमी के चलते आग पर काबू आने में बहुत परेशानी हुई।
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आग बुझाने के लिए पानी का संकट
घोसी। नगर पंचायत घोसी नगर चार किमी क्षेत्र में फैला है। यहां 45 हजार लोग निवास करते हैं। परंतु पूरे नगर में फायरब्रिगेड की गाड़ियों में पानी भरने के लिए हाईडेंट नहीं है। इसके चलते शुक्रवार को नगर के पकड़ी रोड स्थित हीरानंद जायसवाल के बोरा गोदाम में लगी आग को काबू पाने में घंटों लग गया। यदि नगर में कई जगहों पर हाईडेंट बने होते तो आग पर जल्द ही काबू पाया जा सकता था। साथ ही फायरब्रिगेड के बहुत पुराने वाहन भी ठीक से काम नहीं कर सके।
नगर के व्यापारी मुन्नाप्रसाद गुप्ता, करन सिंह का कहना था कि यदि पानी की व्यवस्था रहती तो जल्द ही आग पर काबू पाया जा सकता था। नगर के अधिकांश मुहल्ले घनी आबादी के हैं। हाईडेंट जरूरी है। नगर के करीमुद्दीनपुर निवासी बाबूभाई, श्रीकृष्ण वर्मा ने बताया कि हाईडेंट बना होता तो आग पर जल्द काबू हो गया होता। अमिला में तीन वर्ष से बन रहे फायरब्रिगेड के कार्यालय को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए।