घोसी कोतवाली क्षेत्र में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लेकर दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। एसपी और इंटेलिजेंस लखनऊ के निर्देश पर हुई जांच के बाद पुलिस ने मोहम्मद युसुफ के खिलाफ बुधवार की शाम प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस मामले में सीओ घोसी सत्येंद्र भूषण तिवारी द्वारा जांच करने पर सच्चाई सामने आई है। उपनिरीक्षक अशोक कुमार की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अमजदी रोड बड़ागांव निवासी मोहम्मद यूसुफ ने वर्ष 2018 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। इसके बाद 30 मई 2018 को उसका पहला पासपोर्ट जारी किया गया, जिसकी वैधता 29 मई 2028 तक है। इस पासपोर्ट में उसका विवरण मोहम्मद यूसुफ और जन्मतिथि 15 अगस्त 1995, पिता का नाम मोजिब अशरफ, माता का नाम अंजुम आरा दर्ज है। पहले पासपोर्ट की समयावधि समाप्त होने से पहले ही मोहम्मद यूसुफ ने अपनी पहचान और व्यक्तिगत विवरण में फेरबदल कर दिया। उसने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर वर्ष 2024 में फिर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। नए आवेदन में आरोपी ने अपनी जन्मतिथि बदलकर 05 अगस्त 2002 दर्ज कराई। इस कूटरचित विवरण के आधार पर 26 जून 2024 को उसका दूसरा पासपोर्ट जारी कर दिया गया। इसकी समाप्ति तिथि 25 जून 2034 तय की गई है। सीओ घोसी के अनुसार, जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और धोखाधड़ी करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक ही समय में दो पासपोर्ट प्राप्त किए।