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नहीं रहीं सेनानी शंभूनाथ राय की धर्मपत्नी धर्मा देवी
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कोपागंज।आजाद हिंद फौज के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस के अनुयायी शंभूनाथ राय की धर्मपत्नी धर्मा देवी का उनके निवास स्थान सहरोज पर बुधवार की सुबह 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनकर क्षेत्र ने शोक की लहर दौड़ गई। उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार और सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय मौके पर पहुंचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बुधवार को सुबह करीब 11 बजे सहरोज स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा शुरु हुई। इससे शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान उप जिलाधिकारी जय प्रकाश यादव, तहसीलदार संजीव कुमार यादव सहित तमाम अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि धर्मा देवी के आवास पर पहुंचे। धर्मा देवी के पति शंभूनाथ राय 1942 में सुभाष चंद बोस से प्रभावित होकर सिंगापुर में आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए और जबतक देश आजाद नहीं तबतक अंग्रेजो के विरुद्ध कई लड़ाइयां लड़ी।उनके साथ उनकी पत्नी धरमा देवी उनका साथ निभाती रही।1947 में देश आजाद होने के बाद 15 वर्षों बाद 1962 में सिंगापुर से भारत लौट आए। धर्मा देवी के मौत की खबर सुनकर सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ,सहरोज प्रधान प्रतिनिधि दहीचंद राजभर सहित सैकड़ों ग्रामीण उनके आवास पर पहुंच श्रद्धासुमन अर्पित किया। संवाद
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बुधवार को सुबह करीब 11 बजे सहरोज स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा शुरु हुई। इससे शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान उप जिलाधिकारी जय प्रकाश यादव, तहसीलदार संजीव कुमार यादव सहित तमाम अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि धर्मा देवी के आवास पर पहुंचे। धर्मा देवी के पति शंभूनाथ राय 1942 में सुभाष चंद बोस से प्रभावित होकर सिंगापुर में आजाद हिंद फौज में शामिल हो गए और जबतक देश आजाद नहीं तबतक अंग्रेजो के विरुद्ध कई लड़ाइयां लड़ी।उनके साथ उनकी पत्नी धरमा देवी उनका साथ निभाती रही।1947 में देश आजाद होने के बाद 15 वर्षों बाद 1962 में सिंगापुर से भारत लौट आए। धर्मा देवी के मौत की खबर सुनकर सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ,सहरोज प्रधान प्रतिनिधि दहीचंद राजभर सहित सैकड़ों ग्रामीण उनके आवास पर पहुंच श्रद्धासुमन अर्पित किया। संवाद
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