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भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर देना होगा शुल्क

Mon, 04 Jul 2022 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 11:09 PM IST
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Fee to be paid on commercial use of buildings
नगर पालिका परिषद का मुख्य कार्यालय।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। नगर के उन मकानों पर जहां व्यवासायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं उन्हें अब नगर पालिका में इसके लिए शुल्क जमा करना होगा। हालांकि ऐसे लोग पालिका में गृहकर और जलकर ही जमा कर रहे हैं। नगर पालिका व्यवसायिक गतिविधियों वाले ऐसे मकानों को चिह्नित कर सर्वे कराने जा रही है। पालिका की इस कवायद से नगर पालिका के राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी। जिससे नगर में विकास कार्यो को तेजी मिल सकेगी।
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42 वार्ड वाले इस शहर में कई लोग ऐसे हैं, जिनके मकानों में होटल, दुकानें, अस्पताल, शॉपिंग माल चल रहे हैं। मगर यह सिर्फ नगर पालिका में गृहकर और जलकर ही जमा कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो नगर पालिका द्वारा अपना राजस्व बढ़ाने के लिए इस बिंदू पर फोकस करने में जुटी है। सर्वे अभियान चलाकर नगर पालिका द्वारा ऐसे भवन को चिह्नित किया जाएगा, जिनके द्वारा आवास का कर देकर अपने यहां व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।बताते चले कि आवास कर तथा व्यावसायिक कर दोनों अलग है,व्यावसायिक कर आवास कर से कहीं ज्यादा है। बताते हैं कि नगर पालिका में नगर के 49 हजार 799 भवन पंजीकृत है। इसमें इतने 1110 भवन ही व्यावसायिक के तहत पंजीकृत होकर शुल्क अदा रहे हैं। जबकि कई भवनों में दुकान, क्लीनिक आदि खोलकर खुद तो कमाई कर रहे हैं, लेकिन नगर पालिका में आवासीय भवन का टैक्स जमाकर हर साल लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। नगर पालिका अगर ईमानदारी से व्यावसायिक भवनों से टैक्स की वसूली करे तो आय में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। स्वकर व्यवस्था के तहत सर्किल रेट के हिसाब से भवनों का कामर्शियल उपयोग करने वालों को व्यावसायिक मकान पर लागू टैक्स का करीब दस गुना टैक्स देना होगा। इससे नगर पालिका को लाखों रुपये की हर साल आय होगी। इससे शहर के विकास के लिए परेशानी नहीं होगी। बताते चले कि नगर के कई भवन स्वामियों ने मकान में या तो दुकानें बनवा दी है, इनका उपयोग तो व्यवसायिक में हो रहा है, लेकिन नगर पालिका के रिकार्ड में आवासीय दर्ज हैं। इसमें कई भवन रसूखदारों के भी हैं, जिन पर नियमानुसार टैक्स लगाने की पालिका प्रशासन हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि आवासीय भवन का उपयोग व्यावसायिक हो रहा है तो ऐसे भवनों के लिए जल्द सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार कर का निर्धारण किया जाएगा।
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