फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Fake hospital in mau patients created ruckus doctor staff and escaped

मऊ: अस्पताल के फर्जी होने का आरोप लगाकर मरीजों ने किया हंगामा, डॉक्टर स्टाफ समेत ताला बंद कर फरार

Sun, 09 Jan 2022 11:29 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 09 Jan 2022 11:29 PM IST
सार

लिखी गई दवाओं को लेकर संदेह हुआ तो मरीजों ने चिकित्सक से उनकी डिग्री के बारे में पूछना शुरू किया। मरीजों का कहना था कि चिकित्सक के पास डॉक्टर की डिग्री सही नहीं है।

विज्ञापन
Fake hospital in mau patients created ruckus doctor staff and escaped
अस्पताल के फर्जी होने का आरोप लगाकर मरीजों ने किया हंगामा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के गाजीपुर तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल में रविवार की देर शाम उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। जब मरीजों ने अस्पताल के चिकित्सक की डिग्री को फर्जी बताया। अस्पताल के एक चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाओं को लेकर संदेह हुआ तो मरीजों ने चिकित्सक से उनकी डिग्री के बारे में पूछना शुरू किया।
विज्ञापन


मरीजों का कहना था कि चिकित्सक के पास डॉक्टर की डिग्री सही नहीं है। वह फर्जी तरीके से अस्पताल खोलकर इलाज कर रहे हैं।  हंगामा होता देख चिकित्सक और कर्मचारी अस्पताल में ताला बंद कर वहां से चले गए। देखते ही देखते मौके पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। 
विज्ञापन


फर्जी अस्पताल को कराया जाएगा सील
सूचना मिलने पर सरायलखंसी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने आक्रोशित मरीजों को शांत कराया। जिसके बाद मरीजों ने इसकी सूचना सीएमओ को दी। इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएन दुबे का कहना है कि गाजीपुर तिराहे के पास फर्जी तरीके से अस्पताल संचालित होने की शिकायत मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ेंः बढ़ी पांबदियां: सार्वजनिक स्थलों और गंगा घाटों पर शाम 4 बजे के बाद रोक, जानें क्या बंद और क्या खुला रहेगा
 

सोमवार को टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच में गलत पाए जाने पर अस्पताल को सील करने के साथ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। जिले में कहीं भी फर्जी तरीके से अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक संचालित पाया जाएगा, संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिना मास्क के ही मरीजों का इलाज कर रहे चिकित्सक

एक तरफ जहां देश में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए सख्ती शुरू की गई है। वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज तो दूर चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी भी कोविड नियमों का अनदेखी कर रहे हैं। मऊ जिले में वर्तमान में कुल 21 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं, इनमें से 15 संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। इसके बाद भी अस्पतालों में कोविड नियमों का पालन नहीं हो रहा है। 

रविवार सुबह 11.30 बजे की पड़ताल में कोपागंज सीएचसी पर इलाज के लिए 20 से अधिक मरीज अपनी बारी की प्रतिक्षा करते रहे। इमरजेेंसी कक्ष में डा. रमेश यादव और वार्ड ब्वाय श्रीराम तैनात रहे। स्थिति यह रही कि कोविड से बचने के लिए सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के जरूरी नियम की अनदेखी होती रही।

36 बेड के कोपागंज सीएचसी पर आठ चिकित्सकों की तैनाती है। वर्तमान में एक चिकित्सक की ड्यूटी कोविड में लगाई गई है। अस्पताल में एक्सरे तकनीशीयन और डार्क रूम सहायक की तैनाती है। लेकिन अबतक इस अस्पताल में एक्सरे मशीन नहीं लगाई जा सकी है।

क्षेत्र के लाखों  लोगों के इलाज का जिम्मा कोपागंज सीएचसी, चार प्राथमिक स्वास्थ्य और 30 उप स्वास्थ्य केंद्र पर है। लेकिन चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण लोगों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डा. अनिल कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क जरूरी है। सभी को सामाजिक दूरी और अनिवार्य रूप से मास्क लगाने जैसे नियमों का पालन कराया जायेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed