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कारतूस का व्यौरा देने में विफल रहें तो असलहा जप्त कर किया चालान

Wed, 08 Jul 2020 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 11:45 PM IST
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Failure to provide cartridge details, then seized the invoice
मऊ। अवैध असलहा के खिलाफ चलाए जा रहें अभियान के तहत सरायलखंसी पुलिस ने बुधवार को एक असलहा को जप्त कर उनके लाइसेंस को निरस्त करने के लिए डीएम को पत्र भेजा। आरोपी मुख्तार गैंग के करीबी त्रिदेव कांस्ट्रेक्शन के मालिक पंकज सिंह है। पुलिस बुधवार को उनके असलहें के साथ शस्त्र लाइसेंस की जांच की। इस दौरान कारतूसों का पुलिस ने हिसाब मांगा। जिसे पंकज देने में असफल रहें। इस पर पुलिस ने लाइसेंसी रायफल को जप्त कर उनके विरुद्घ थाने में रिपोर्ट दर्ज की। बताते चले शहर के भीटी स्थित त्रिदेव कन्स्ट्रक्शन कंपनी के मालिक और खरगजेपुर गांव निवासी राजन सिंह और उमेश सिंह मुख्तार अंसारी गिरोह के सदस्य थे । रामसिंह मौर्या हत्याकांड में उनके विरुद्घ दक्षिणटोला थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। मुख्तार के साथ नामजद होने के बाद दोनों ठेकेदारी नहीं कर सकते थे, क्योंकि दोनों का चरित्र प्रमाण पत्र नहीं बनता। ऐसे में कंपनी का पचास प्रतिशत शेयर पंकज सिंह को सौंप उन्हें त्रिदेव कांस्ट्रक्शन कंपनी का प्रोपराइटर बना दिया गया। पंकज के साथ कंपनी के पचास प्रतिशत शेयर रामपरिख सिंह के नाम से है। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि चूंकि हत्या में नामजद होने के बाद उमेश और राजन ठेकेदारी नहीं कर सकते थे। ऐसे में पंकज और रामपरिख को अपरोक्ष रुप से मालिक बनाकर दोनों अभी भी कंपनी चलाते है। जांच में पंकज के नाम से जारी लाइसेंसी रायफल के लिए खरीदे गए कारतूसों का हिसाब पुलिस को नहीं दे सकें। इसके चलते उनके असलहें को जप्त कर उनके विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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