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ईद नजदीक, लाकडाउन में कैसे होगी खरीदारी
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मधुबन। पाक रमजान का महीना चल रहा है। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते रहने से सरकार कोरोना कर्फ्यू लगातार बढ़ाया जा रहा है। इस बीच ईद का पर्व नजदीक आता जा रहा है। 14 मई को ईद संभावित है। अब एक सप्ताह का भी समय नहीं रह गया है। इस बीच प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना के मद्देनजर पूरे प्रदेश में 10 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है और कोरोना के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं उसे देखते हुए लग रहा है कि लॉकडाउन आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
लॉकडाउन के कारण ईद की तैयारियां बिलकुल फीकी सी हो गई हैं। किराना, फल, सब्जी, दूध आदि को छोड़कर अन्य दुकानें नहीं खुल रही हैं। लोगों की चिंता है कि ईद की खरीदारी कैसे होगी ? कपड़े खरीद जाएंगे, फिर उन्हें सिलवाना होगा। इसमें समय लगेगा। इसके अलावा भी अन्य सामानों की खरीदारी करनी होती है। लाकडाउन के चलते अन्य सामानों की दुकानों के न खुलने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अब समय भी बहुत कम रह गया है।
इस बाबत वकार अहमद, डॉ नासिर अली, डॉ राशिद उस्मानी, मुराद उस्मानी, दानिश आदि का कहना है कि कोरोना के कारण पिछले साल भी ईद फीकी रही और इस साल भी ऐसा ही रहने की उम्मीद दिखाई पड़ रही है। घर के बड़े तो समझदार हैं वह हालात को समझ रहे हैं मगर बच्चों को कैसे समझाया जाये। नए कपड़ों की जिद कर रहे हैं मगर समझ में नहीं आ रहा है कि उनके जिद को कैसे पूरा किया जाए। दुकानें तो खुल नहीं रही हैं, बाजारें सुनी पड़ी हैं। दुआ है कि अपने वतन सहित पूरी दुनिया को कोरोना से इस बला से मुकम्मल निजात मिले।
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लॉकडाउन के कारण ईद की तैयारियां बिलकुल फीकी सी हो गई हैं। किराना, फल, सब्जी, दूध आदि को छोड़कर अन्य दुकानें नहीं खुल रही हैं। लोगों की चिंता है कि ईद की खरीदारी कैसे होगी ? कपड़े खरीद जाएंगे, फिर उन्हें सिलवाना होगा। इसमें समय लगेगा। इसके अलावा भी अन्य सामानों की खरीदारी करनी होती है। लाकडाउन के चलते अन्य सामानों की दुकानों के न खुलने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अब समय भी बहुत कम रह गया है।
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इस बाबत वकार अहमद, डॉ नासिर अली, डॉ राशिद उस्मानी, मुराद उस्मानी, दानिश आदि का कहना है कि कोरोना के कारण पिछले साल भी ईद फीकी रही और इस साल भी ऐसा ही रहने की उम्मीद दिखाई पड़ रही है। घर के बड़े तो समझदार हैं वह हालात को समझ रहे हैं मगर बच्चों को कैसे समझाया जाये। नए कपड़ों की जिद कर रहे हैं मगर समझ में नहीं आ रहा है कि उनके जिद को कैसे पूरा किया जाए। दुकानें तो खुल नहीं रही हैं, बाजारें सुनी पड़ी हैं। दुआ है कि अपने वतन सहित पूरी दुनिया को कोरोना से इस बला से मुकम्मल निजात मिले।
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