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Mau News: बच्चेदानी में गांठ के ऑपरेशन में डॉक्टर ने काट दी पेशाब की नली
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मऊ। निजी अस्पताल के डॉक्टर ने महिला के बच्चेदानी में गांठ के ऑपरेशन की जगह पेशाब की नली ही काट दी। महिला की हालत गंभीर है।
पति सुनील यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है।
घोसी के गांव तिघरा के रहने वाले सुनील यादव ने सीएम को लिखे पत्र में बताया कि उनकी 33 वर्षीय पत्नी सरिता देवी गृहणी है। पेट में दर्द होने पर मऊ जिला मुख्यालय के प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में 8 अप्रैल को महिला डॉक्टर ने बताया कि पत्नी के बच्चेदानी में गांठ है। ऑपरेशन करना होगा। ऑपरेशन के लिए 29 हजार 500 रुपया जमा कराया। शहर के ही एक अन्य डॉक्टर के सहयोग से ऑपरेशन करके पूरी बच्चेदानी निकाल दी। गलत ऑपरेशन करके पत्नी के पेशाब की नली काट दी। केस बिगड़ने पर पूरी बात नहीं बताई। परिजनों को अंधेरे में रखा। 24 घंटा तक ऑपरेशन थिएटर में पत्नी को रखा गया। हालत लगातार बिगड़ने पर वाराणसी के ओपल हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहीं जानकारी हुई की बच्चेदानी निकालते समय डॉक्टर ने पेशाब की नली ही काट दी है। वहां पर भी मरीज को 12 दिन भर्ती कर इलाज किया। इसमें लगभग एक लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए। वहां पर भी सुधार न होता देख पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां बीते 21 अप्रैल से पत्नी जिदंगी से जंग लड़ रही है। उपचार में लाखों खर्च होने के बाद अब पैसे के अभाव में पत्नी का उपचार कराने में सक्षम नहीं है। ऐसे में संबंधित डॉक्टर और हॉस्पिटल प्रबंधन से आगे का खर्च दिलाया जाए।
कोट
मामले की जानकारी नहीं है, अभी तक कोई शिकायती पत्र भी नहीं मिला है। कोई भी शिकायत मिलने पर विभाग की ओर से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. नंद कुमार, सीएमओ, मऊ
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पति सुनील यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर न्याय की गुहार लगाई है।
घोसी के गांव तिघरा के रहने वाले सुनील यादव ने सीएम को लिखे पत्र में बताया कि उनकी 33 वर्षीय पत्नी सरिता देवी गृहणी है। पेट में दर्द होने पर मऊ जिला मुख्यालय के प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में 8 अप्रैल को महिला डॉक्टर ने बताया कि पत्नी के बच्चेदानी में गांठ है। ऑपरेशन करना होगा। ऑपरेशन के लिए 29 हजार 500 रुपया जमा कराया। शहर के ही एक अन्य डॉक्टर के सहयोग से ऑपरेशन करके पूरी बच्चेदानी निकाल दी। गलत ऑपरेशन करके पत्नी के पेशाब की नली काट दी। केस बिगड़ने पर पूरी बात नहीं बताई। परिजनों को अंधेरे में रखा। 24 घंटा तक ऑपरेशन थिएटर में पत्नी को रखा गया। हालत लगातार बिगड़ने पर वाराणसी के ओपल हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहीं जानकारी हुई की बच्चेदानी निकालते समय डॉक्टर ने पेशाब की नली ही काट दी है। वहां पर भी मरीज को 12 दिन भर्ती कर इलाज किया। इसमें लगभग एक लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए। वहां पर भी सुधार न होता देख पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां बीते 21 अप्रैल से पत्नी जिदंगी से जंग लड़ रही है। उपचार में लाखों खर्च होने के बाद अब पैसे के अभाव में पत्नी का उपचार कराने में सक्षम नहीं है। ऐसे में संबंधित डॉक्टर और हॉस्पिटल प्रबंधन से आगे का खर्च दिलाया जाए।
कोट
मामले की जानकारी नहीं है, अभी तक कोई शिकायती पत्र भी नहीं मिला है। कोई भी शिकायत मिलने पर विभाग की ओर से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. नंद कुमार, सीएमओ, मऊ