फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Threat of action looms over 366 secondary schools.

Mau News: 366 माध्यमिक विद्यालयों पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Thu, 24 Sep 2026 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
Threat of action looms over 366 secondary schools.
शिक्षा सत्र शुरू होने के 174 दिन बीत जाने के बाद भी जिले के माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो सका है। अभी तक मात्र 28 प्रतिशत विद्यालय ही पोर्टल पर छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति अपलोड कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के 366 सरकारी, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से ऑनलाइन उपस्थिति का पूरा विवरण मांगा है। अन्यथा वेतन रोक दिया जाएगा। वहीं वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय को परीक्षा केंद्र न बनाने की संस्तुति बोर्ड से की जाएगी।
विज्ञापन

जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त और 422 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक करीब 1.78 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ-साथ शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा सत्र का नौवां माह बीतने को है, लेकिन 140 माध्यमिक विद्यालय ही पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति अपलोड कर रहे हैं। इससे शासन के निर्देशों के अनुपालन पर सवाल उठने लगा है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति की भी नियमित निगरानी की जा रही है। विद्यार्थियों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाना है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में विद्यालयों में व्यवस्था शुरू नहीं होने से विभागीय स्तर पर लापरवाही सामने आ रही है।
समीक्षा में ऑनलाइन उपस्थिति भेजने में विद्यालयों की लापरवाही सामने आने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने 366 माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। लापरवाह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से सितंबर माह का ऑनलाइन उपस्थिति का विवरण मांगा है। कार्यालय में विवरण उपलब्ध न कराने की स्थिति में सरकारी, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाएगा। वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय को परीक्षा केंद्र न बनाने की संस्तुति बोर्ड से की जाएगी।

विभागीय कार्य में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के 366 सरकारी, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से ऑनलाइन उपस्थिति का विवरण मांगा गया है। अन्यथा वेतन भुगतान रोक दिया जाएगा। वहीं वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय को परीक्षा केंद्र न बनाने की संस्तुति बोर्ड से की जाएगी। - गौतम प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक, मऊ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed