सरयू का जलस्तर जहां तेजी से घट रहा है, वहीं नदी की लहरें कहर बरपाने लगी हैं। रविवार को वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने नई बाजार ओझौली के पास निर्माणाधीन फोरलेन पुल का 25वें, 26वें पिलर के बीच की मिट्टी नदी में विलीन हो गई। इसके चलते एनएचआई और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों चिंतित हैं। नदी फोरलेन पुल के अंतिम फाउंडेशन की ओर तेजी से बढ़ती जा रही है। नदी में कटान जारी रहा तो दिसंबर में दूसरा लेन चालू करने की योजना पर ग्रहण लग सकता है।
सरयू का जलस्तर तेजी से घटने के बाद नदी के उग्र होने से कटान की रफ्तार तेज हो गई है। कटान के चलते वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने नई बाजार ओझौली के पास निर्माणाधीन फोरलेन पुल का 25वें, 26वें पिलर के बीच की मिट्टी नदी में विलीन हो गई। नदी कटान करते हुए पुल के अंतिम फाउंडेशन की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में एक बार फिर चार पिलर और ढाले जा सकते हैं। तीन साल पहले एनएचआई के नक्शे पर 18 पिलर का पुल बना था और नदी के रेत पर करीब दो किमी लंबा फोरलेन का रोड बना दिया गया। लेकिन जैसे ही नेपाल ने पानी सरयू में छोड़ा। पुल के फाउंडेशन से लेकर सौ मीटर रोड नदी की धारा में विलीन हो गया था। अप्रैल में दो लेन पर आवागमन भी चालू हो गया और दो लेन का काम चल रहा था। दिसंबर तक दो लेन पुल का काम खत्म कर पुल के चारों लेन चालू करने की योजना है। फिलहाल स्थिति यह है कि कटान रोकने की कोई योजना कारगर नहीं दिख रही है। जबकि मात्र दो पाए पर सिग्मेंट और ढालना था। नदी जिस तरह से कटान कर रही है उस हिसाब से हर हाल में एनएचआई को तो कटान रोकने के उपाय करने होंगे।