फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Doctors have become less, patients now have God's support

डॉक्टर हो गए कम, मरीजों को अब भगवान का सहारा

Wed, 27 Jul 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2022 11:36 PM IST
विज्ञापन
Doctors have become less, patients now have God's support
जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर चिकित्सक की राह में बैठे मरीज। - फोटो : MAU
पहले से अव्यवस्थाओं से जूझ रहे जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही है। डाक्टरों की कमी के चलते मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। पहले से डाक्टरों की कमी झेल रहे जिला अस्पताल से छह डॉक्टरों के तबादले के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मंगलवार को रिलीव कर दिया। वहीं इन डाक्टरों के बदले सिर्फ एक डाक्टर ने ज्वाइन किया। ऐसे में करीब 30 फीसदी डॉक्टरों के भरोसे चल रहे अस्पताल में मरीजों को अब भगवान का ही सहारा है।
विज्ञापन

जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में संसाधन तो बढ़ रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की संख्या निरंतर घट रही है। सबसे अधिक कमी विशेषज्ञ डॉक्टरों की है। 100 बेड के जिला अस्पताल में सीएमएस सहित 23 चिकित्सकों के पद स्वीकृत है, वर्तमान में इसके सापेक्ष 12 चिकित्सकों की तैनाती थी। इसमें छह चिकित्सक का गत दिनों स्थानांतरण अलग अलग जिलों में कर दिया गया। जहां उन्हें बीते मंगलवार को जिला अस्पताल द्वारा उनके कार्यों से अवमुक्त भी कर दिया गया। अवमुक्त होने वाले चिकित्सकों में नेत्र सर्जन, डेंटल सर्जन, आर्थो सर्जन, बालरोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ तथा बेहोशी का एक चिकित्सक शामिल है। उधर पहले से 45 फीसदी डाक्टरों की कमी से जूझ रहा अस्पताल में छह डाक्टरों के जाने से चिकित्सकीय सुविधा गड़बड़ हो गई। इस समस्या को सबसे ज्यादा बढ़ाने का कार्य एक भी ईएमओ के नहीं होने से हुई है।
विज्ञापन

24 घंटे आकस्मिक कक्ष में उपचार के लिए जिला अस्पताल में चार इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के पद स्वीकृत है, लेकिन बीते 2018 से यह सभी पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं छह डाक्टरों के जाने के बाद अभी केवल एक आर्थो सर्जन द्वारा अस्पताल में ज्वाइन किया गया है। इसके बाद भी सीएमएस सहित सात चिकित्सक ही अस्पताल में हैं। इसका असर बुधवार को जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां डाक्टरों की कमी के चलते मरीज बाहर बैठकर डाक्टर का इंतजार करते दिखे। पिपरीडीह से आए मरीज सुभावती देवी, कोपागंज की कसारा निवासी रामप्रसाद, सेंदुराइच निवासी सोनबरसा आदि ने बताया कि वह दांत दर्द, आंख और चर्म रोग से जुड़ी समस्या के उपचार को लेकर पहुंचे थे कि लेकिन डाक्टर न होने से लौटना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन विभागों में सबसे ज्यादा परेशानी
छह डाक्टरों के एक साथ जाने से सबसे ज्यादा परेशानी चर्मरोग, नेत्र रोग और दंत रोग विभाग से जुड़े मरीजों को हो रही है। वहीं इमरजेंसी मेडिकल आफिसर न होने से मौजूद डाक्टरों में से तीन शिफ्ट में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगने से ओपीडी भी प्रभावित हो रही है।

जिला अस्पताल से एक साथ चिकित्सकों का तबादला हो गया है, जिन्हें बीते मंगलवार को रिलीव कर दिया गया। विशेषज्ञ डॉक्टर और अन्य स्टाफ कम हो गए हैं। ईएमओ कोई नहीं है, जिसके चलते चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उपलब्ध स्टाफ में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. नाहिदा खातुन सिद्धकी, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed