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आतिशबाजी संग मनाई दिवाली
mau
Updated Wed, 07 Nov 2018 06:41 PM IST
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दिवाली पर नगर के अहलदादपुरा में झालरों से आकर्षक तरीके से सजा भवन ।
- फोटो : mau
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जिले में दिवाली का पर्व आतिशबाजी संग धूमधाम से मनाया गया। शाम होते ही नगर व ग्रामीण इलाके रोशनी से नहा उठे। घरों और प्रतिष्ठानों में विधि विधान से गणेश और लक्ष्मी की पूजा अर्चना की गई। वहीं बाजारों में खरीदारों की चहल पहल बरकरार रही। जगह-जगह सजे माता लक्ष्मी और काली की प्रतिमाओं के पंडालों में हुई भव्य सजावट की गई थी।
नगर के सहादतपुरा, रौजा, चौक, गोला बाजार सहित जिले के प्रमुख बाजारों में गहमागहमी रही। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों को फूलों की माला औरे रंग बिरंगी लाइटों से सजाया। व्यवसायिक रूप से खास महत्व रखने वाले इस त्यौहार के मद्देनजर दुकानों पर लोगों को अपना लेनदेन चुकता करते देखा गया। शाम को लक्ष्मी और गणेश की पूजा हुई। लोगों ने हवन पूजन किया। इस दौरान मिठाइयों और पटाखों के तरफ बच्चों का खासा उत्साह देखा गया। शाम से शुरू हुई आतिशबाजी देर रात तक जारी रही। खासकर पूजा पंडालों पर भव्य सजावट के बीच जमकर आतिशबाजी हुई।
मान्यता यह है कि भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को राजा बलि के शिकंजे से छुड़ाया था। दूसरी कथा यह है कि इस दिन आकाश गंगा में से देवी लक्ष्मी का अभ्युदय हुआ था। जबकि एक अन्य प्रचलित कथा यह है कि राम के वनवास से लौटने के बाद इसी दिन अयोध्यावासियों ने दीपोत्सव मनाया था। पर्व की इन्हीं सारी मान्यताओं को देखते हुए दीपावली के मौके पर दीए जलाए गए। साथ ही परंपरा के मुताबिक लक्ष्मी और गणेश की पूजा हुई।
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अमिला/ बोझी संवाददाता के अनुसार, कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दीपावली के अवसर पर पूजा पंडालों में रखी लक्ष्मी प्रतिमाओं के दर्शन पूजन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। क्षेत्र के बसावनपुर, नौकापुरा, रामपुर में पर्व की रौनक नजर आई। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के बढ़ुआगोदाम, कोटवां, रैकवारडीह, कहिनौर, पिपरी क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में दीपावली पर्व का त्यौहार उत्साहपूर्वक मनाया गया। लक्ष्मी पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा की गई। देर रात तक लोगों के पूजन अर्चन करने का क्रम चलता रहा। भक्तिगीतों के बजते रहने से वातावरण भक्तिमय हो गया।
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नगर के सहादतपुरा, रौजा, चौक, गोला बाजार सहित जिले के प्रमुख बाजारों में गहमागहमी रही। लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों को फूलों की माला औरे रंग बिरंगी लाइटों से सजाया। व्यवसायिक रूप से खास महत्व रखने वाले इस त्यौहार के मद्देनजर दुकानों पर लोगों को अपना लेनदेन चुकता करते देखा गया। शाम को लक्ष्मी और गणेश की पूजा हुई। लोगों ने हवन पूजन किया। इस दौरान मिठाइयों और पटाखों के तरफ बच्चों का खासा उत्साह देखा गया। शाम से शुरू हुई आतिशबाजी देर रात तक जारी रही। खासकर पूजा पंडालों पर भव्य सजावट के बीच जमकर आतिशबाजी हुई।
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मान्यता यह है कि भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को राजा बलि के शिकंजे से छुड़ाया था। दूसरी कथा यह है कि इस दिन आकाश गंगा में से देवी लक्ष्मी का अभ्युदय हुआ था। जबकि एक अन्य प्रचलित कथा यह है कि राम के वनवास से लौटने के बाद इसी दिन अयोध्यावासियों ने दीपोत्सव मनाया था। पर्व की इन्हीं सारी मान्यताओं को देखते हुए दीपावली के मौके पर दीए जलाए गए। साथ ही परंपरा के मुताबिक लक्ष्मी और गणेश की पूजा हुई।
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अमिला/ बोझी संवाददाता के अनुसार, कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में दीपावली के अवसर पर पूजा पंडालों में रखी लक्ष्मी प्रतिमाओं के दर्शन पूजन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। क्षेत्र के बसावनपुर, नौकापुरा, रामपुर में पर्व की रौनक नजर आई। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के बढ़ुआगोदाम, कोटवां, रैकवारडीह, कहिनौर, पिपरी क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में दीपावली पर्व का त्यौहार उत्साहपूर्वक मनाया गया। लक्ष्मी पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा की गई। देर रात तक लोगों के पूजन अर्चन करने का क्रम चलता रहा। भक्तिगीतों के बजते रहने से वातावरण भक्तिमय हो गया।