मऊ। मानसून को देखते हुए शासन से जारी गाइड लाइन के अनुरूप नगर पालिका ने बीते अप्रैल माह में ही नगर क्षेत्र में मौजूद 66 जर्जर भवनों को चिह्नित तो कर लिया लेकिन भवन स्वामियों को अब तक न तो नोटिस जारी किया गया और न ही कोई कार्रवाई हुई। नगर पालिका का दावा है कि सर्वे रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई है। नगर पालिका मऊ के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में मानसून से पूर्व नगर के 42 वार्डों में जर्जर भवनों को चिह्ति करने का सर्वे कार्य कराया जा चुका है। इसके तहत 66 जर्जर भवनों को चिह्नित किया गया है। बताया कि जर्जर भवनों में भीटी में छह, ब्राह्मण टोला में एक, हरिकेशपुरा में एक, बल्लीपुरा में एक, छेेदापुरा में एक, इब्राहिमपुरा में एक भवन है। इसीक्रम में औरंगाबाद में दो, मुंशीपुरा में सात, सहादतपुरा में 14, डोमनपुरा में 6, रामपुर में 6, रघुनाथपुरा में 4 सहित 64 भवन चिह्नित हैं। हालांकि पारदर्शिता के साथ सर्वे किया जाता तो जर्जर भवनों की संख्या में इजाफा हो सकता है। जर्जर भवनों के बाबत भवन स्वामी को अलर्ट करने के लिए नगर पालिका की तरफ से नाटिस जारी किया जाना था लेकिन अब तक कोई कवायद नहीं की गई है। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मानसून में जर्जर भवन गिरने से बड़े हादसे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर जर्जर भवनों को चिहिन्त कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी गई है। -दिनेश कुमार, ईओ नगर पालिका