{"_id":"66a14a8a192e6983c20335b4","slug":"demand-to-run-roadways-bus-on-ranipur-chiraiyakot-route-mau-news-c-295-1-mau1002-115578-2024-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: रानीपुर-चिरैयाकोट मार्ग पर रोडवेज बस चलाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: रानीपुर-चिरैयाकोट मार्ग पर रोडवेज बस चलाने की मांग
विज्ञापन
चिरैयाकोट से रानीपुर, मिर्जाहादीपुरा होते हुए जिला मुख्यालय के लिए दिन में रोडवेज बस की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इस मार्ग पर चलने वाले निजी वाहन संचालक मनमाना किराया वसूल करते हैं।
रोजाना सुबह सात बजे मऊ बस स्टेशन से रानीपुर से चिरैयाकोट होते हुए वाराणसी के लिए मऊ डिपो की अनुबंधित बस का संचालन किया जाता है लेकिन इसका लाभ वाराणसी जाने वालों को ही मिलता है। यह बस शाम को छह बजे मऊ डिपो में लौटती है। बड़ी संख्या में खानपुर, तेंदुली, पलिगढ़, भरुकवा, गोकुलपुरा, रानीपुर, सादीपुर, फतेहपुर, अस्सीभवन, भवनपुरा, चितबिसाव, कोड़र, चकिया आदि तकरीबन 40 गांव के सैकड़ों लोगों को सुबह इलाज, मुकदमे की पैरवी और कलेक्ट्रेट में काम के लिए आना-जाना पड़ता है। बड़ी संख्या में छात्र भी रोजाना पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय जाते हैं।
क्षेत्र के शिवशक्ति सिंह, जितेंद्र यादव, रामप्रकाश, अनिल सिंह, प्रकाश, अजय मौर्य, दिनेश सिंह आदि लोगों ने बताया कि यदि रोजाना सुबह चिरैयाकोट से रानीपुर होते हुए जिला मुख्यालय के लिए रोडवेज बस का संचालन शुरू हो जाए तो क्षेत्रीय लोगों को राहत मिलेगी। मजबूरी में लोग जल्दी पहुंचने के चक्कर में प्राइवेट बसों में खड़े होकर सफर करते हैं। क्षमता से अधिक सवारी भरकर चलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। बसों में भीड़ अधिक होने से सबसे अधिक परेशानी युवतियों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। यही नहीं रोडवेज बसों की तुलना में इन बसों का किराया भी अधिक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोजाना सुबह सात बजे मऊ बस स्टेशन से रानीपुर से चिरैयाकोट होते हुए वाराणसी के लिए मऊ डिपो की अनुबंधित बस का संचालन किया जाता है लेकिन इसका लाभ वाराणसी जाने वालों को ही मिलता है। यह बस शाम को छह बजे मऊ डिपो में लौटती है। बड़ी संख्या में खानपुर, तेंदुली, पलिगढ़, भरुकवा, गोकुलपुरा, रानीपुर, सादीपुर, फतेहपुर, अस्सीभवन, भवनपुरा, चितबिसाव, कोड़र, चकिया आदि तकरीबन 40 गांव के सैकड़ों लोगों को सुबह इलाज, मुकदमे की पैरवी और कलेक्ट्रेट में काम के लिए आना-जाना पड़ता है। बड़ी संख्या में छात्र भी रोजाना पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय जाते हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के शिवशक्ति सिंह, जितेंद्र यादव, रामप्रकाश, अनिल सिंह, प्रकाश, अजय मौर्य, दिनेश सिंह आदि लोगों ने बताया कि यदि रोजाना सुबह चिरैयाकोट से रानीपुर होते हुए जिला मुख्यालय के लिए रोडवेज बस का संचालन शुरू हो जाए तो क्षेत्रीय लोगों को राहत मिलेगी। मजबूरी में लोग जल्दी पहुंचने के चक्कर में प्राइवेट बसों में खड़े होकर सफर करते हैं। क्षमता से अधिक सवारी भरकर चलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। बसों में भीड़ अधिक होने से सबसे अधिक परेशानी युवतियों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। यही नहीं रोडवेज बसों की तुलना में इन बसों का किराया भी अधिक होता है।
विज्ञापन