मऊ अंडरपास बनाने को लेकर नगर के नागरिकों की बैठक सिन्धी धर्मशाला में रविवार की शाम हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व रेलवे क्रासिंग ओवर ब्रिज की आवश्यकता थी। वर्तमान में मात्र 3 किमी के अंदर क्षेत्र में 3 ओवर ब्रिज और ढ़ेकुलिया घाट तमसा नदी पर मऊ- गोरखपुर जोड़ने वाला पुल बनाया गया है। सभ्य भारत मिशन के संयोजक ने रेलवे क्रासिंग ओबर ब्रिज के वजाय अंदर ब्रिज बनाने के लिए कई दिनों तक सत्याग्रह किया। बैठक का संचालन करते हुए छोटेलाल गांधी ने कहा कि देव प्रकाश राय के द्वारा दाखिल जनहित याचिका में न्यायालय द्वारा भी ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया है। लेकिन मानवीय संवेदना और मऊ के भगौलिक ढांचा को समाप्त करने की नीयत से कुछ लोगों के दबाव में ओवर ब्रिज बनाने की जांच प्रचलित है।बताया कि मात्र 5 मिनट की दूरी तय करने के लिए ओवर ब्रिज के नाम पर 95 करोड़ से अधिक धन व्यय होगा। जबकि नगर पालिका द्वारा रेलवे विभाग को एक करोड़ 34 लाख रुपये भुगतान कर हठठी मदारी पुलिस बूथ से मुंशीपुरा ओवर ब्रिज जोड़ने के लिये 22 फुट चौडा मार्ग का निर्माण कराया है। हठठी मदारी पुलिस बूथ से मुंशीपुरा ओवर ब्रिज से आजमगढ़ तिरहा तक जितने समय में दूरी तय होगी, उतने ही समय में हठठी मदारी पुलिस बूथ से रेलवे क्रासिंग, बाल निकेतन होते हुए आजमगढ़ तिराहा तकजाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ओवर ब्रिज निर्माण के जद में 294 से अधिक भवन स्वामी, व्यापारी हैं। जिससे रोजी रोटी से जुड़ने वाले 50 हजार जीवनोपार्जन काफी प्रभावित होगा। बैठक में विजय जैन, कमलेश कुमार ,श्रीचंद, मोहन, प्रकाश, रवि कुमार, रोशन लाल, शंकर, किशन चन्द, राजेश, सुनील, रमेश, राजेंद्र आदि रहे।