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कुलपति के निरीक्षण में मिली कृषि विकास कार्यो की गुणवत्ता में कमी
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मऊ। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह ने रविवार को कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कृषि विकास कार्यों की गुणवत्ता में कमियां मिलीं। उन्होंने ठेेकेदार को फटकार लगाई और उसे जिसे सुधारने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत चलाए जा रहे कृषि विकास कार्यों की गुणवत्ता में कमियां मिलने पर यूपीपीसीएल एवं सीडको कंपनी के ठेकेदार को काफी फटकार लगाई। कुलपति ने आर केवीवाई.द्वारा चलाए जा रहे कार्यों इंप्लीमेंट शेड, ब्रूडर हाउस, लेयर हाउस को तत्काल ठीक कर किसानों के लिए माडल के रूप विकसित करने के लिए निर्देश दिया। सीडको कंपनी द्वारा मशरूम प्रयोगशाला तथा निर्माणाधीन तालाब को जल्द से जल्द तैयार कर इंटीग्रेटेड मछली पालन करने के लिए निर्देश दिया। सोलर पंप की बोरिंग में 290 फीट पाइप की जगह 100 फीट ही पाइप डालने पर नाराजगी व्यक्त की।
शैक्षिक प्रक्षेत्र का भ्रमण करते समय डीएसआर विधि द्वारा धान की सीधी बुवाई का अवलोकन किया। केंद्र के वैज्ञानिकों को निर्देशित किया कि कृषि की नई-नई तकनीकियों को किसानों के दरवाजे तक पहुंचाई जाए और बीज वितरण तथा किसानों के चुनाव में पारदर्शिता बरती जाए। केंद्र वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह, लाल पंकज सिंह, डॉ.जेके. कुशवाहा, डॉ. जीडी. गुप्ता, हिमांशु राय तथा डॉ. चंदन सिंह नवनियुक्त वैज्ञानिकों द्वारा प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षित कर जागरूक करने की सलाह दी।
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निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत चलाए जा रहे कृषि विकास कार्यों की गुणवत्ता में कमियां मिलने पर यूपीपीसीएल एवं सीडको कंपनी के ठेकेदार को काफी फटकार लगाई। कुलपति ने आर केवीवाई.द्वारा चलाए जा रहे कार्यों इंप्लीमेंट शेड, ब्रूडर हाउस, लेयर हाउस को तत्काल ठीक कर किसानों के लिए माडल के रूप विकसित करने के लिए निर्देश दिया। सीडको कंपनी द्वारा मशरूम प्रयोगशाला तथा निर्माणाधीन तालाब को जल्द से जल्द तैयार कर इंटीग्रेटेड मछली पालन करने के लिए निर्देश दिया। सोलर पंप की बोरिंग में 290 फीट पाइप की जगह 100 फीट ही पाइप डालने पर नाराजगी व्यक्त की।
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शैक्षिक प्रक्षेत्र का भ्रमण करते समय डीएसआर विधि द्वारा धान की सीधी बुवाई का अवलोकन किया। केंद्र के वैज्ञानिकों को निर्देशित किया कि कृषि की नई-नई तकनीकियों को किसानों के दरवाजे तक पहुंचाई जाए और बीज वितरण तथा किसानों के चुनाव में पारदर्शिता बरती जाए। केंद्र वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह, लाल पंकज सिंह, डॉ.जेके. कुशवाहा, डॉ. जीडी. गुप्ता, हिमांशु राय तथा डॉ. चंदन सिंह नवनियुक्त वैज्ञानिकों द्वारा प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षित कर जागरूक करने की सलाह दी।
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