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जनविरोधी है ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण का फैसला
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जनविरोधी है ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण का फैसला
विद्युतकर्मियों ने 18 को प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का दिया अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में बिजलीकर्मियों तथा जूनियर इंजीनियरों ने ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही 18 सितंबर से प्रदेश व्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी।
समिति के जनपद संयोजक सूर्यदेव पांडेय ने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण का प्रयोग आगरा तथा नोएडा में पहले ही विफल हो चुका है। इसके बावजूद शासन एवं प्रबंधन कोरोना जैसी महामारी में अपने जान पर खेल कर आम जनमानस को निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने का महत्वपूर्ण कार्य बिजलीकर्मियों तथा इंजीनियरों द्वारा दिया जा रहा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार, शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन, चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुचाने के उद्देश्य से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि के निजी हाथों मे देने का फैसला लिया गया है जो पूरी तरह से न तो प्रदेश के हित में है न ही उपभोक्ताओं के हित में और न तो कर्मचारियों के हित में है। कहा निजीकरण के जनविरोधी,कर्मचारी विरोधी फैसले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान चेतावनी दी कि जनविरोधी कर्मचारी विरोधी फैसले को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र के तमाम कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर 18 सितंबर से प्रदेश व्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में रविंद्र सिंह यादव, रघुनंदन यादव, संजय यादव, शशिप्रकाश गुप्ता, जयप्रकाश यादव, रामसमुझ राजभर, रामलाल यादव, शखरज, इसरारूल हक उर्फ दरोगा, श्याम सुंदर प्रजापति, पदुमनाथ यादव, अनिल राय, रामसिंह यादव, अरविंद कुमार, राजेश कुमार, मनीष कुंवर, अनिल कुमार यादव,रामकृत राम, रामप्रवेश चैहान,रविंद्र यादव आदि शामिल रहे।
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विद्युतकर्मियों ने 18 को प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का दिया अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में बिजलीकर्मियों तथा जूनियर इंजीनियरों ने ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही 18 सितंबर से प्रदेश व्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी।
समिति के जनपद संयोजक सूर्यदेव पांडेय ने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण का प्रयोग आगरा तथा नोएडा में पहले ही विफल हो चुका है। इसके बावजूद शासन एवं प्रबंधन कोरोना जैसी महामारी में अपने जान पर खेल कर आम जनमानस को निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने का महत्वपूर्ण कार्य बिजलीकर्मियों तथा इंजीनियरों द्वारा दिया जा रहा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार, शीर्ष ऊर्जा निगम प्रबंधन, चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुचाने के उद्देश्य से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लि के निजी हाथों मे देने का फैसला लिया गया है जो पूरी तरह से न तो प्रदेश के हित में है न ही उपभोक्ताओं के हित में और न तो कर्मचारियों के हित में है। कहा निजीकरण के जनविरोधी,कर्मचारी विरोधी फैसले को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान चेतावनी दी कि जनविरोधी कर्मचारी विरोधी फैसले को वापस नहीं लिया गया तो प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र के तमाम कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर 18 सितंबर से प्रदेश व्यापी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में रविंद्र सिंह यादव, रघुनंदन यादव, संजय यादव, शशिप्रकाश गुप्ता, जयप्रकाश यादव, रामसमुझ राजभर, रामलाल यादव, शखरज, इसरारूल हक उर्फ दरोगा, श्याम सुंदर प्रजापति, पदुमनाथ यादव, अनिल राय, रामसिंह यादव, अरविंद कुमार, राजेश कुमार, मनीष कुंवर, अनिल कुमार यादव,रामकृत राम, रामप्रवेश चैहान,रविंद्र यादव आदि शामिल रहे।
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