{"_id":"5f22fb368ebc3e63b37677bf","slug":"darpan-satyamev-scheme-implemented-in-the-district-mau-news-vns5388132189","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद में लागू की गई दर्पण सत्यमेव योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद में लागू की गई दर्पण सत्यमेव योजना
विज्ञापन
पुलिस लाइन सभागार में शिकायतों के निस्तारण में त्वरित न्याय के लिए शुरु की गई दर्पण पहल के दौरान ?
- फोटो : MAU
मऊ। पुलिस की प्राथमिकताओं में से एक जनसुनवाई प्रणाली में पारदर्शिता व शुचिता लाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने ब़ृहस्पतिवार को पुलिस लाईन के सभागर कक्ष में ’’दर्पण’’ परियोजना का शुभारंभ किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक मने फरियादियों की ओर से विगत दिनों में प्रस्तुत की गयी समस्याओं को सुना। एसपी ने इन शिकायतों की जांच करने वाले विवेचकों से भी तथ्यों को सुनकर फरियादियों की समस्याओं का पारदर्शिता एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही के लिए क्षेत्राधिकारियों और विवेचकों को निर्देशित किया।
एस पी ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह पुलिस कार्यालय में आने वाले कुल प्रार्थना पत्रों में से 25 शिकायत कर्ताओें को पुुलिस लाइन सभागार में बुलाकर जांचच की जाएगी। इनमें 20 शिकायत प्रार्थना पत्र के आवेदक होंगे तथा पांच विवेचना सम्बन्धी शिकायतों के आवेदक होंगे।
प्रार्थना पत्रों के जांचकर्ता अधिकारी बुलाये जायेंगे।जांच अधिकारी पूर्व में प्रेषित आख्या पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत करेेेंगे।
एसपी ने बताया कि यदि ऐसा पाया जाता है कि कोई आवेदक किसी गलत नियत से अपनें प्रतिपक्षी के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उसको फंसाने के लिए शिकायत किया है तो उसके विरुद्ध धारा 182 व 211 भादवि के तहत न्यायालय को रिपोर्ट दी जायेगी।एसपी ने बताया कि इस व्यवस्था को रिजर्व पुलिस लाइन में सप्ताह में एक दिन दोपहर12 बजे से एक बजे तक संचालित किया जायेगा।इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्री त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी मधुबन, प्रतिसार निरीक्षक, वाचक पुलिस अधीक्षक सहित काफी संख्या में वादी/प्रतिवादी व उनके जांचकर्ता/विवेचक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
निपटाए गए येेेेेे मामले
मऊ। रस्तीपुुर निवासी माया सिंह असामाजिक तत्वों द्वारा घर से बेदखल करने की कोशिश किये जाने के सन्दर्भ में दिये गये प्रार्थना पत्र की जांच एसआई जनार्दन सिंह द्वारा की गयी तो ज्ञात हुआ कि आवेदिका माया सिंह पत्नी महेन्द्र प्रताप सिंह लगभग 10 वर्षों से अपने परिवार सहित उसी मकान में रहती हैं, पहलेे वह मकान कमली देवी ने माया सिंह को वसीयत किया था। कमला देवी से पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि ये लोग कमली देवी के रिश्तेदार हैं तथा इन लोगों ने कमली देवी को इतना परेशान कर दिया कि उन्होनेे वसीयत अपने देवर राजेन्द्र सिंह के नाम कर दिया। प्रार्थना पत्र में लगाये गये आरोप निराधार पाये गये। नीलू कौशिक निवासिनी निजामुद्दीनपुरा ने पड़ोसी कन्हैया द्वारा शराब पीकर गाली गलौज किये जाने के सम्बन्ध में दिये प्रार्थना पत्र की जांच एसआईअजय सिंह ने की तो पता चला कि वादी व प्रतिवादी के आपस में परिवारिक सम्बन्ध हैं,दोनो ने आपस में समझौता कर लियाहै। लक्ष्मी देवी निवासिनी हठ्ठीमदारी ने अपने पति द्वारा मारे-पीटे जाने के सम्बन्ध में दिये गये प्रार्थना पत्र की जांच एसआई शकील अहमद ने की। महिला के पति से मोबाइल से बात कर मामला निपटा दिया गया। एसपी ने इन्हें पांच हजार रुपये के पुरस्कार से देने की घोषणा की।
उपनिरीक्षक का सात दिन का वेतन कटा
मऊ। सरायलखंसी पर नियुक्त उपनिरीक्षक रामानुज द्वारा समस्याओं के निस्तारण में उपेक्षापूर्ण रवैया अख्तियार करने पर एसपी ने सात दिन के वेतन कटौती का नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया ।
विज्ञापन
एस पी ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह पुलिस कार्यालय में आने वाले कुल प्रार्थना पत्रों में से 25 शिकायत कर्ताओें को पुुलिस लाइन सभागार में बुलाकर जांचच की जाएगी। इनमें 20 शिकायत प्रार्थना पत्र के आवेदक होंगे तथा पांच विवेचना सम्बन्धी शिकायतों के आवेदक होंगे।
विज्ञापन
प्रार्थना पत्रों के जांचकर्ता अधिकारी बुलाये जायेंगे।जांच अधिकारी पूर्व में प्रेषित आख्या पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत करेेेंगे।
एसपी ने बताया कि यदि ऐसा पाया जाता है कि कोई आवेदक किसी गलत नियत से अपनें प्रतिपक्षी के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उसको फंसाने के लिए शिकायत किया है तो उसके विरुद्ध धारा 182 व 211 भादवि के तहत न्यायालय को रिपोर्ट दी जायेगी।एसपी ने बताया कि इस व्यवस्था को रिजर्व पुलिस लाइन में सप्ताह में एक दिन दोपहर12 बजे से एक बजे तक संचालित किया जायेगा।इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक श्री त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी मधुबन, प्रतिसार निरीक्षक, वाचक पुलिस अधीक्षक सहित काफी संख्या में वादी/प्रतिवादी व उनके जांचकर्ता/विवेचक उपस्थित रहे।
विज्ञापन
निपटाए गए येेेेेे मामले
मऊ। रस्तीपुुर निवासी माया सिंह असामाजिक तत्वों द्वारा घर से बेदखल करने की कोशिश किये जाने के सन्दर्भ में दिये गये प्रार्थना पत्र की जांच एसआई जनार्दन सिंह द्वारा की गयी तो ज्ञात हुआ कि आवेदिका माया सिंह पत्नी महेन्द्र प्रताप सिंह लगभग 10 वर्षों से अपने परिवार सहित उसी मकान में रहती हैं, पहलेे वह मकान कमली देवी ने माया सिंह को वसीयत किया था। कमला देवी से पूछताछ के दौरान ज्ञात हुआ कि ये लोग कमली देवी के रिश्तेदार हैं तथा इन लोगों ने कमली देवी को इतना परेशान कर दिया कि उन्होनेे वसीयत अपने देवर राजेन्द्र सिंह के नाम कर दिया। प्रार्थना पत्र में लगाये गये आरोप निराधार पाये गये। नीलू कौशिक निवासिनी निजामुद्दीनपुरा ने पड़ोसी कन्हैया द्वारा शराब पीकर गाली गलौज किये जाने के सम्बन्ध में दिये प्रार्थना पत्र की जांच एसआईअजय सिंह ने की तो पता चला कि वादी व प्रतिवादी के आपस में परिवारिक सम्बन्ध हैं,दोनो ने आपस में समझौता कर लियाहै। लक्ष्मी देवी निवासिनी हठ्ठीमदारी ने अपने पति द्वारा मारे-पीटे जाने के सम्बन्ध में दिये गये प्रार्थना पत्र की जांच एसआई शकील अहमद ने की। महिला के पति से मोबाइल से बात कर मामला निपटा दिया गया। एसपी ने इन्हें पांच हजार रुपये के पुरस्कार से देने की घोषणा की।
उपनिरीक्षक का सात दिन का वेतन कटा
मऊ। सरायलखंसी पर नियुक्त उपनिरीक्षक रामानुज द्वारा समस्याओं के निस्तारण में उपेक्षापूर्ण रवैया अख्तियार करने पर एसपी ने सात दिन के वेतन कटौती का नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया ।