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डीएपी और यूरिया का टोटा, किसान परेशान

Fri, 16 Nov 2018 11:30 PM IST
mau
mau Updated Fri, 16 Nov 2018 11:30 PM IST
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DAP and urea chopsticks, farmers worry
UREA
 जिले की 92 साधन सहकारी समितियों पर इन दिनों ताले लटके हैं। इन गोदामों में न तो डीएपी है और न ही यूरिया। किसान रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में लगे हैं। ऐसे में उनके सामने दिक्कतें पैदा हो रहीं। यूरिया की कालाबाजारी की शिकायतें भी आ रही हैं। साधन सहाकरी समितियों के सचिवों को आठ सालों से वेतन नहीं मिला है। इसलिए अपने वेतन भुगतान की मांग को लेकर सचिव अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। सचिवों की हड़ताल ने समस्या को विकराल बना दिया है।
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 जिले में कुल 92 न्याय पंचायतों में साधन सहाकारी समितियां स्थापित हैं। जिले के किसान इन समितियों पर मिलने वाले उर्वरकों पर ज्यादा भरोसा करते हैं। इसलिए उर्वरकों के लिए किसान इन साधन सहकारी समितियों पर ही निर्भर रहते हैं। वैसे कृषि विभाग के भी जिले के नौ ब्लाकों पर कृषि बीज भंडार हैं। यहां पर भी उर्वरकों की बिक्री की व्यवस्था है। लेकिन बहुत कम मात्रा में। साधन सहकारी समितियों का रबी सीजन में डीएपी का लक्ष्य इस साल 8200 मीट्रिक टन है। एआर के दावे पर भरोसा करें तो इसके सापेक्ष अब तक केवल 3800 मीट्रिक टन डीएपी ही वितरित की जा सकी है।
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उधर रबी सीजन में बुवाई के समय हालांकि यूरिया की खपत कम होती है फिर भी 3000 मीट्रिक टन यूरिया तो गेहूं की बुवाई के समय ही केवल साधन सहकारी समितियों के गोदामों से बिकती है। इसके अलावा गेहूं की पहली सिंचाई से लेकर अंतिम सिंचाई में फरवरी तक यूरिया की खपत होती है। किसान राकेश सिंह, देवप्रकाश राय, राम नवल राही, शिव नारायण राय और प्रमोद यादव ने बताया कि इस समय जिले की किसी भी साधन सहकारी समिति की गोदाम में यूरिया नहीं है बुवाई के समय किसान डाई के साथ यूरिया मिलाकर प्रयोग करते हैं।
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एआर कोआपरेटिव का दावा है कि 2000 एमटी यूरिया बफर गोदाम में है। लेकिन सचिवों की हड़ताल की वजह से वह गोदामों नहीं पहुंच पा रही है। यदि सचिवों की हड़ताल खत्म भी हो जाती है तो उसके बाद कम से कम 20 दिन बाद ही यूरिया की खेप जिले में आ सकती है क्योंकि जब तक बफर गोदाम में यूरिया का स्टार रहेगा, विभाग और यूरिया मंगाने लिए आर्डर नहीं दे सकेगा। इस बाबत सहायक निबंधक विनय कुमार सिंह का कहना है कि सचिवों की हड़ताल की वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। 
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