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जान जोखिम में डालकर नदी को करते हैं पार
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 13 Jan 2015 11:20 PM IST
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ब्लाक क्षेत्र के डंगौली तथा भगवानपुर गांव के पास तमसा नदी तट पर पुल नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही स्कूली बच्चे अपनी जान पर खेलकर नाव से नदी पार करते हैं। गांव के समीप नरौली बाजार के पास पुल बनाने की मांग अरसे से उठ रही है।
प्राथमिक शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्र छात्राओं को नाव से नदी पार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है।
कोपागंज ब्लाक अंतर्गत डंगौली तथा भगवानपुर गांव की आबादी लगभग दो-दो हजार है। गांवों में प्राथमिक विद्यालय तो है, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं खोला जा सका है।
बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए मुहम्मदबादगोहना तहसील जाना पड़ता है। सड़क मार्ग से काफी घूमकर लगभग 15 किमी यात्रा करनी पड़ती है।
नाव से जाने पर पांच किमी दूरी तय करना पड़ता है। ग्रामीणों की ओर से नरौली गांव के पास तमसा नदी में पुल बनाए जाने की मांग अरसे की जा रही है।
बच्चे जान को जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने को विवश हैं। काफी छात्राएं प्राथमिक शिक्षा के बाद स्कूल का मुंह ही नहीं देख रही हैं।
अभिभावक दूर भेजने से कतराते हैं। इस संबंध में गांव के सुरेंद्र मास्टर, रवि सिंह, शेषनाथ यादव, गौतम गिरी का कहना था कि नरौली गांव के पास तमसा नदी तट पर पुल बनाने के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया बावजूद मामले को लटका दिया गया।
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इसी क्रम में मतई राम, रामनगीना साहनी का कहना था कि नरौली गांव के पास तमसा नदी पर पुल न बनने से गांव का विकास अवरुद्ध हो गया है। जान जोखिम में डालकर बच्चों को नाव से नदी पार करना पड़ रहा है।
अधिकांश बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।
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साथ ही स्कूली बच्चे अपनी जान पर खेलकर नाव से नदी पार करते हैं। गांव के समीप नरौली बाजार के पास पुल बनाने की मांग अरसे से उठ रही है।
प्राथमिक शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्र छात्राओं को नाव से नदी पार करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है।
कोपागंज ब्लाक अंतर्गत डंगौली तथा भगवानपुर गांव की आबादी लगभग दो-दो हजार है। गांवों में प्राथमिक विद्यालय तो है, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय नहीं खोला जा सका है।
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बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए मुहम्मदबादगोहना तहसील जाना पड़ता है। सड़क मार्ग से काफी घूमकर लगभग 15 किमी यात्रा करनी पड़ती है।
नाव से जाने पर पांच किमी दूरी तय करना पड़ता है। ग्रामीणों की ओर से नरौली गांव के पास तमसा नदी में पुल बनाए जाने की मांग अरसे की जा रही है।
बच्चे जान को जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करने को विवश हैं। काफी छात्राएं प्राथमिक शिक्षा के बाद स्कूल का मुंह ही नहीं देख रही हैं।
अभिभावक दूर भेजने से कतराते हैं। इस संबंध में गांव के सुरेंद्र मास्टर, रवि सिंह, शेषनाथ यादव, गौतम गिरी का कहना था कि नरौली गांव के पास तमसा नदी तट पर पुल बनाने के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया बावजूद मामले को लटका दिया गया।
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इसी क्रम में मतई राम, रामनगीना साहनी का कहना था कि नरौली गांव के पास तमसा नदी पर पुल न बनने से गांव का विकास अवरुद्ध हो गया है। जान जोखिम में डालकर बच्चों को नाव से नदी पार करना पड़ रहा है।
अधिकांश बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं। समस्या का अविलंब समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।