फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

लखनऊ हत्याकांड : अजीत सिंह हमेशा चलते थे बुलेट प्रूफ कार से, फिर भी हत्या...

Thu, 07 Jan 2021 12:21 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 07 Jan 2021 12:21 AM IST
विज्ञापन
Lucknow Massacre: Questions arising over the death of former Mau block Ajit Singh
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के देवसीपुर गांव निवासी अजीत सिंह की लखनऊ में हत्या सटीक मुखबिरी के चलते हुई है। वह हमेशा बुलेट प्रूफ कार में ही चलते थे। अजीत सिंह पर 19 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। जिला बदर घोषित किया जा चुका था। अजीत सिंह मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख रह चुके थे।



पिछली बार मुहम्मदाबाद गोहना सीट पिछड़ी जाति की महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अजीत ने अपनी करीबी महिला को ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ाया था। उधर, माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह इस पद के लिए अपने दाहिने हाथ बनारस के चोलापुर थाना क्षेत्र के मूल निवासी गैंगस्टर गिरधारी विश्वकर्मा को ब्लॉक प्रमुख बनवाना चाहते थे।
 

Lucknow Massacre: Questions arising over the death of former Mau block Ajit Singh
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

कुंटू ने गिरधारी को भदीड़ से बीडीसी का चुनाव भी लड़ाया था लेकिन अपनी करीबी को चुनाव जिता कर अजीत ने कुंटू के हाथ से बाजी छीन ली थी। बताते हैं कि कुंटू सिंह इससे भी अजीत सिंह से बहुत खार खाए थे। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के प्रमुख की सीट महिला के लिए आरक्षित हो जाने के बाद 2005 में अजीत सिंह ने अपने पत्नी रानू सिंह को चुनाव लड़ाया था, जिसमें वह विजयी हुई थीं।  
इसके पूर्व अजीत सिंह खुद भी मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के ज्येष्ठ प्रमुख रह चुके थे। पिछली बार मोहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक प्रमुख की सीट पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हो गई तो अजीत सिंह ने अपनी करीबी मनभाती को प्रत्याशी बनाया और जीत हासिल की।
 

Lucknow Massacre: Questions arising over the death of former Mau block Ajit Singh
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

वह महिला प्रमुख भले ही निर्वाचित हो गई थीं लेकिन सारा कार्यभार अजीत सिंह ही देखते थे । अजीत अपनी सुरक्षा को लेकर बहुत चौकन्ना रहते थे। हमेशा बुलेट प्रूफ वाहन में ही चलते थे लेकिन बुधवार की शाम को लखनऊ में सटीक मुखबिरी के चलते उनकी हत्या कर दी गई।  इसके साथ ही हमेशा उनके साथ साए की तरह चलने वाला मोहर सिंह भी गोली लगने से घायल हुआ है। अजीत सिंह इस समय जिला बदर घोषित किया जा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Lucknow Massacre: Questions arising over the death of former Mau block Ajit Singh
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

कभी अजीत और कुंटू थे जिगरी दोस्त, बाद में बढ़ गईं दूरियां

अजीत सिंह और कुंटू सिंह कभी जिगरी दोस्त हुआ करते थे, लेकिन संपत्ति के बंटवारे में दोनों के बीच मतभेद हो गए। सगड़ी के तत्कालीन विधायक सर्वेश सिंह सीपू की हत्या की साजिश रचे जाने की मुखबिरी अजीत सिंह ने की थी  जिसके बाद आजमगढ़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नवीन अरोड़ा ने विधायक की सुरक्षा बढ़ा दी थी।  हालांकि बाद में सीपू सिंह की हत्या कर दी गई जिसमें कुंटू सिंह का नाम आया था। विधायक हत्याकांड में अजीत सिंह गवाह भी थे।

विज्ञापन
Lucknow Massacre: Questions arising over the death of former Mau block Ajit Singh
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

ब्लाक प्रमुख पद पर कब्जा करने की कुंटू सिंह की लालसा अजीत सिंह की वजह से धरी की धरी रह गई और उधर संपत्ति के बंटवारे को लेकर अजीत और कुंटू के बीच दूरियां बढ़ती गई और कभी जिगरी दोस्त रहे कुंटू और अजीत एक दूसरे के दुश्मन बन गए। कुंटू अजीत को अपने वर्चस्व की बादशाहत में रोड़ा मानने लगा। इसे अजीत भी समझते थे और कुंटू से सावधान रहते थे। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed