हरियाणा के जींद स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बुधवार दोपहर करीब एक बजे संदिग्ध परिस्थितियों में 15 दिन पहले प्रेम विवाह करने वाली युवती ने फंदा लगाकर जान दे दी। नवविवाहित जोड़ा 31 दिसंबर को ही हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने आया था। 25 वर्षीय प्रेरणा ने 23 दिसंबर को 28 वर्षीय सचिन के साथ प्रेम विवाह किया था।
2 of 6
खाना बनाते समय बीच में छोड़कर गई थी प्रेरणा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विवाह के बाद दोनों ने पुलिस सुरक्षा भी मांगी थी। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के पिता की शिकायत पर पति समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं नागरिक अस्पताल में शाम को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस को दिए बयान में मृतका के पिता सफीदों निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे उसके पास फोन आया कि प्रेरणा ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली है। जब वे मौके पर पहुंचे तो प्रेरणा का शव बेड पर था।
3 of 6
मौके पर जुटे लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरेश कुमार ने कहा कि दोनों ने प्रेम विवाह किया था और इस विवाह से लड़के सचिन के परिवार वाले खुश नहीं थे। इसलिए उनकी बेटी की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया है। पुलिस ने सुरेश कुमार की शिकायत पर मृतका के पति सचिन, उसके पिता बजरंग बंसल और चाचा जयभगवान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
4 of 6
मौके पर पहुंची पुलिस और लोगों की जमा भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं, सचिन का कहना है कि प्रेरणा दो-तीन दिन से कुछ सामान मंगवा रही थी। इसी कारण उन दोनों में कुछ अनबन हो गई थी। बुधवार दोपहर को उसे सीए के पास जाना था। उसने कहा कि वह शाम को आते समय बाजार से सामान ले आएगा। इसके बाद प्रेरणा खाना बनाने लग गई। अचानक वह खाना बीच में छोड़कर ऊपर के कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी लगाकर फंदे से लटक गई। इस पर उसने आसपास के लोगों को बुलाकर दरवाजा खुलवाया लेकिन तक तक प्रेरणा की मौत हो चुकी थी।
5 of 6
मृतक प्रेरण की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रेम विवाह के बाद मांगी थी सुरक्षा
सचिन और प्रेरणा ने 23 दिसंबर को अदालत में प्रेम विवाह किया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस सुरक्षा भी मांगी थी। पुलिस के अनुसार दोनों 31 दिसंबर तक कहीं बाहर रहे। लड़की के भाई दीपक ने बताया कि इस शादी से सचिन के परिजन खुश नहीं थे। चार साल पहले चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) में लगे रक्तदान शिविर में सचिन और प्रेरणा की पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों में गहरी दोस्ती हो गई जो प्यार में बदल गई। सचिन सीआरएसयू में एमबीए की पढ़ाई कर रहा था जबकि प्रेरणा एमएसई (गणित) की पढ़ाई कर रही थी। इसके बाद सचिन एक सीए के पास नौकरी करने लगा गया।