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दो भाइयों समेत तीन को आजीवन कारावास
mau
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:12 PM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो सुरेश कुमार गुप्ता ने हत्या के मामले में नामजद पांच आरोपियों में तीन को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 28-28 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर दोेषी छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतेंगे। दो आरोपियों की मौत से उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई। मामले के क्रस केस में नामजद पांच आरोपियों में तीन को मारपीट का दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष की सजा के साथ पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। जबकि दो आरोपियों की मौत हो जाने पर मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई। मामला मधुबन थाना क्षेत्र के कमलसागर गांव का है।
अभियोजन के अनुसार, कमलसागर गांव निवासी अधिवक्ता जयराम यादव पुत्र सीताराम यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें रामशब्द और श्रवण कुमार पुत्रगण दूधनाथ, कतवारू पुत्र रामनाथ, रामनाथ और दूधनाथ पुत्रगण बंधु को नामजद किया। दूसरे पक्ष से रामशब्द पुत्र दूधनाथ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें जयराम यादव, राजकुमार यादव और जयबहादुर पुत्रगण सीताराम, सीताराम पुत्र जददू और राकेश यादव पुत्र राजकुमार को नामजद किया। वादीगण का कथन था कि चकरोड की पैमाइश को लेकर 12 सितंबर 1999 को दोनों पक्षों में मारपीट हुई जिसमें एक पक्ष के जयराम यादव, राकेश और रामसेवक को चोटे आई। रामसेवक को अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं दूसरे पक्ष के दूधनाथ, रामनाथ और शोमनाथ को चोटे आई। इलाज के दौरान रामनाथ की मौत हो गई । पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने एक पक्ष से आठ गवाहों को तथा दूसरे पक्ष से नौ गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एक पक्ष के रामशब्द, कतवारू और श्रवण को बलवा मारपीट गाली-गलौज और हत्या का दोषी पाया और तीनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 28-28 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं, दूसरे पक्ष के राजकुमार, जयबहादुर और राकेश को बलवा, मारपीट और गाली देने के मामले में दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष की सजा के साथ ही कुल पांच- अर्थदंड निर्धारित किया। तीनों को गैर इरादतन हत्या और धमकी देने के मामले में दोषमुक्त कर दिया। इस दौरान एक पक्ष के रामनाथ और दूधनाथ तथा दूसरे पक्ष के जयराम और सीताराम की दौरान विचारण मृत्यु हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी।
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अभियोजन के अनुसार, कमलसागर गांव निवासी अधिवक्ता जयराम यादव पुत्र सीताराम यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें रामशब्द और श्रवण कुमार पुत्रगण दूधनाथ, कतवारू पुत्र रामनाथ, रामनाथ और दूधनाथ पुत्रगण बंधु को नामजद किया। दूसरे पक्ष से रामशब्द पुत्र दूधनाथ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें जयराम यादव, राजकुमार यादव और जयबहादुर पुत्रगण सीताराम, सीताराम पुत्र जददू और राकेश यादव पुत्र राजकुमार को नामजद किया। वादीगण का कथन था कि चकरोड की पैमाइश को लेकर 12 सितंबर 1999 को दोनों पक्षों में मारपीट हुई जिसमें एक पक्ष के जयराम यादव, राकेश और रामसेवक को चोटे आई। रामसेवक को अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं दूसरे पक्ष के दूधनाथ, रामनाथ और शोमनाथ को चोटे आई। इलाज के दौरान रामनाथ की मौत हो गई । पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
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अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने एक पक्ष से आठ गवाहों को तथा दूसरे पक्ष से नौ गवाहों को पेश किया। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एक पक्ष के रामशब्द, कतवारू और श्रवण को बलवा मारपीट गाली-गलौज और हत्या का दोषी पाया और तीनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 28-28 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं, दूसरे पक्ष के राजकुमार, जयबहादुर और राकेश को बलवा, मारपीट और गाली देने के मामले में दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष की सजा के साथ ही कुल पांच- अर्थदंड निर्धारित किया। तीनों को गैर इरादतन हत्या और धमकी देने के मामले में दोषमुक्त कर दिया। इस दौरान एक पक्ष के रामनाथ और दूधनाथ तथा दूसरे पक्ष के जयराम और सीताराम की दौरान विचारण मृत्यु हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी।
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