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तीन एडीओ पंचायत, 32 ग्राम प्रधानों के खिलाफ मुकदमा
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:42 PM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के तीन ब्लाकों दोहरीघाट, रानीपुर और कोपागंज के एडीओ पंचायत, 32 ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरियों और रोजगार सेवकों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दोहरीघाट थाने की पुलिस ने दर्ज कर लिया है। इन पर वर्ष 2015 में ग्राम पंचायत चुनावों में आचार संहिता के दौरान अवैध तरीके से धन निकाल कर बंदरबांट करने के आरोप हैं। यह रकम गांवों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए आई थी। डीएम द्वारा कराई गई जांच में इन ब्लाकों में घपले की पुष्टि हुई थी। कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत आए आवेदन में सीजेएम ने पुलिस को जांच कर 16 दिसंबर तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। लेकिन नियत तिथि से पूर्व ही पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय को रिपोर्ट सौंप दिया है। दोहरीघाट पुलिस ने 30 नवंबर को ही मुकदमा दर्ज कर रिपोर्ट न्यायालय में भेजी। इसके बाद वादी को इसकी जानकारी हुई।
ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया गया था। इस अवधि में एडीओ पंचायत, सेक्रेटरियों ने ग्राम प्रधानों और रोजगार सेवकों को मिलाकर अनधिकृत रूप से ग्राम निधियों से नाली, खडंजा, हैंडपंप की मरम्मत आदि के नाम पर लंबी रकम निकालकर गोलमाल कर लिया। शिकायत आने पर तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव ने प्रत्येक ब्लाकों में जांच अधिकारी नियुक्त कर प्रकरण की जांच कराया।
दोहरीघाट ब्लाक में हुए विकास कार्यों में एक लाख 22 हजार का घपला जांच अधिकारी डीपीआरओ दिनेश प्रकाश शर्मा ने पकड़ा था। उन्होंने एडीओ पंचायत पारस वर्मा ,ग्राम पंचायत अधिकारी आद्या शंकर मिश्र और सेक्रेटरी श्रीनारायन राय केे इसके लिए दोषी पाया था। उधर कोपागंज ब्लाक की जांच एडीएम समीर वर्मा ने किया था। एडीएम ने कोपागंज ब्लाक के रइसा, मोलनापुर, रसूलपुर, फतेहपुर ताल नरजा, प्यारेपुर सलाउद्दीनपुर और मसीना सहित 15 गांवों में विकास कार्यों के मद में खर्च किए गए 44 लाख 52 हजार 971 रुपये का घपला पकड़ा था। इसके लिए एडीओ पंचायत, रइसा गावं के सेक्रेटरी शैलेंद्र सिंह प्रधान, रोजगार सेवक आदि को दोषी पाया था।
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रानीपुर ब्लाक के 15 गांवों में विकास कार्यों की जांच एसडीएम जगदंबा सिंह ने किया था। इस ब्लाक के अमारी, धर्मसीपुर, सोनिसा, पलिगढ़, तेंदुली, दौलसेपुर, भौरेपुर, हाजीपुर, लोहाटिकट, चाल्हा और पिरुवा सहित 15 गांवों में 45 लाख 28 हजार 250 रुपये का भुगतान हुआ है। एडीएम ने 13 जनवरी 2016 को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। केवल कुछ एडीओ पंचायतों और सेक्रेटरियों का कार्यक्षेत्र बदल दिया गया।
इस बारे में गांव बचाओ मोर्चा के सदस्य बाल गोविंद सिंह ने सीजेएम कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थनापत्र देकर घपला करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सीजेएम ने तीनों ब्लाकों के संबंधित थानाध्यक्षों को जांच कर 16 दिसंबर तक आख्या देने का आदेश दिया था। लेकिन इसके पूर्व 30 नवंबर को ही दोहरीघाट थानाध्यक्ष ने आवेदक बालगोविंद सिंह के प्रार्थनापत्र पर तीनों ब्लाकों के घपले के आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सूचना सीजेएम कोर्ट केे भेज दिया। इस बावत सीओ घोसी रविंद्र सिंह का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में विवेचना प्रचलित है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान एडीओ पंचायत को प्रशासक नियुक्त किया गया था। इस अवधि में एडीओ पंचायत, सेक्रेटरियों ने ग्राम प्रधानों और रोजगार सेवकों को मिलाकर अनधिकृत रूप से ग्राम निधियों से नाली, खडंजा, हैंडपंप की मरम्मत आदि के नाम पर लंबी रकम निकालकर गोलमाल कर लिया। शिकायत आने पर तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव ने प्रत्येक ब्लाकों में जांच अधिकारी नियुक्त कर प्रकरण की जांच कराया।
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दोहरीघाट ब्लाक में हुए विकास कार्यों में एक लाख 22 हजार का घपला जांच अधिकारी डीपीआरओ दिनेश प्रकाश शर्मा ने पकड़ा था। उन्होंने एडीओ पंचायत पारस वर्मा ,ग्राम पंचायत अधिकारी आद्या शंकर मिश्र और सेक्रेटरी श्रीनारायन राय केे इसके लिए दोषी पाया था। उधर कोपागंज ब्लाक की जांच एडीएम समीर वर्मा ने किया था। एडीएम ने कोपागंज ब्लाक के रइसा, मोलनापुर, रसूलपुर, फतेहपुर ताल नरजा, प्यारेपुर सलाउद्दीनपुर और मसीना सहित 15 गांवों में विकास कार्यों के मद में खर्च किए गए 44 लाख 52 हजार 971 रुपये का घपला पकड़ा था। इसके लिए एडीओ पंचायत, रइसा गावं के सेक्रेटरी शैलेंद्र सिंह प्रधान, रोजगार सेवक आदि को दोषी पाया था।
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रानीपुर ब्लाक के 15 गांवों में विकास कार्यों की जांच एसडीएम जगदंबा सिंह ने किया था। इस ब्लाक के अमारी, धर्मसीपुर, सोनिसा, पलिगढ़, तेंदुली, दौलसेपुर, भौरेपुर, हाजीपुर, लोहाटिकट, चाल्हा और पिरुवा सहित 15 गांवों में 45 लाख 28 हजार 250 रुपये का भुगतान हुआ है। एडीएम ने 13 जनवरी 2016 को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। केवल कुछ एडीओ पंचायतों और सेक्रेटरियों का कार्यक्षेत्र बदल दिया गया।
इस बारे में गांव बचाओ मोर्चा के सदस्य बाल गोविंद सिंह ने सीजेएम कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थनापत्र देकर घपला करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सीजेएम ने तीनों ब्लाकों के संबंधित थानाध्यक्षों को जांच कर 16 दिसंबर तक आख्या देने का आदेश दिया था। लेकिन इसके पूर्व 30 नवंबर को ही दोहरीघाट थानाध्यक्ष ने आवेदक बालगोविंद सिंह के प्रार्थनापत्र पर तीनों ब्लाकों के घपले के आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सूचना सीजेएम कोर्ट केे भेज दिया। इस बावत सीओ घोसी रविंद्र सिंह का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में विवेचना प्रचलित है जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी।