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दलित के साथ मारपीट करने में सात आरोपी दोषमुक्त
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:06 PM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो वीरनायक सिंह ने एक दलित के साथ मारपीट करने के मामले में नामजद सात आरोपियों को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। मामला कोतवाली मुहम्मदाबादगोहना क्षेत्र का है।
इटौरा चौबेपुर गांव निवासी लालप्यारे की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें बिकाऊ, रामध्यान और बुझारत, रामदरस और बिहारी, शीबी और सुभाष को नामजद किया गया। वादी का आरोप था कि जमीन के विवाद को लेकर आरोपियों ने 12 जून 2007 को उसे तथा उसकी बहन तारा तथा मां केवली देवी को मारा पीटा। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एसपीओ ने आठ गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से अधिवक्ता सर्वेश सिंह और रुद्रप्रताप सिंह ने पैरवी की। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपने आदेश में लिखा कि घायलों ने जिस प्रकार से घटना होना बताया है, अभियोजन पक्ष सिद्ध नहीं हो पाया है। एडीजे ने आरोपीगण बिकाऊ, सुभाष, बुझारत, रामदरस, बिहारी, शीबी और रामध्यान को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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इटौरा चौबेपुर गांव निवासी लालप्यारे की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें बिकाऊ, रामध्यान और बुझारत, रामदरस और बिहारी, शीबी और सुभाष को नामजद किया गया। वादी का आरोप था कि जमीन के विवाद को लेकर आरोपियों ने 12 जून 2007 को उसे तथा उसकी बहन तारा तथा मां केवली देवी को मारा पीटा। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एसपीओ ने आठ गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से अधिवक्ता सर्वेश सिंह और रुद्रप्रताप सिंह ने पैरवी की। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपने आदेश में लिखा कि घायलों ने जिस प्रकार से घटना होना बताया है, अभियोजन पक्ष सिद्ध नहीं हो पाया है। एडीजे ने आरोपीगण बिकाऊ, सुभाष, बुझारत, रामदरस, बिहारी, शीबी और रामध्यान को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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