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हत्या के मामले में तीन दोषी
Updated Tue, 28 Nov 2017 11:34 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार ने हत्या के मामले में नामजद पांच आरोपियों में सुनवाई के बाद मंगलवार को तीन लोगों को दोषी पाया। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई के लिए चार दिसंबर 2017 की तिथि तय की गई। साथ ही दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
रानीपुर थाना क्षेत्र के बरहां गांव निवासी वादी मुकदमा बसंत कुमार यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप था कि वह और उसका भाई लालबहादुर मोटर साइकिल से पलिगढ़ होते हुए अपने घर जा रहे थे। साथ में ही मोटरसाइकिल पर ब्राह्मणपुुरा गांव निवासी देवनाथ पांडेय भी बैठे थे। उसी दौरान एक अगस्त 2003 की सुबह आठ बजे मुकदमे बाजी की रंजिश को लेकर आरोपीगण ने तमंचे से फायर कर लालबहादुर की हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना बरहां गांव निवासी वीरेंद्र यादव और राजेंद्र पुत्रगण गोवर्धन, ज्ञानशंकर पुत्र बृजभान, महेंद्र पुत्र बालकुमार तथा ब्राह्मणपुरा गांव निवासी राजवंत पुत्र इंद्रजीत के विरुद्व आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी मणिबहादुर सिंह और अधिवक्ता दयाशंकर राय ने कुल सात गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से चार गवाहों को पेश किया गया। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण वीरेंद्र यादव, राजवंत पांडेय और ज्ञानशंकर को हत्या का दोषी पाया। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। वहीं आरोपीगण राजेंद्र यादव और महेंद्र यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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रानीपुर थाना क्षेत्र के बरहां गांव निवासी वादी मुकदमा बसंत कुमार यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप था कि वह और उसका भाई लालबहादुर मोटर साइकिल से पलिगढ़ होते हुए अपने घर जा रहे थे। साथ में ही मोटरसाइकिल पर ब्राह्मणपुुरा गांव निवासी देवनाथ पांडेय भी बैठे थे। उसी दौरान एक अगस्त 2003 की सुबह आठ बजे मुकदमे बाजी की रंजिश को लेकर आरोपीगण ने तमंचे से फायर कर लालबहादुर की हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना बरहां गांव निवासी वीरेंद्र यादव और राजेंद्र पुत्रगण गोवर्धन, ज्ञानशंकर पुत्र बृजभान, महेंद्र पुत्र बालकुमार तथा ब्राह्मणपुरा गांव निवासी राजवंत पुत्र इंद्रजीत के विरुद्व आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी मणिबहादुर सिंह और अधिवक्ता दयाशंकर राय ने कुल सात गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से चार गवाहों को पेश किया गया। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण वीरेंद्र यादव, राजवंत पांडेय और ज्ञानशंकर को हत्या का दोषी पाया। तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया। वहीं आरोपीगण राजेंद्र यादव और महेंद्र यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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