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सुजीत सिंह बुढ़वा का जिले के कोने-कोने में था आतंक
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:07 AM IST
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मऊ। मूलरूप से चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के अल्देमऊ गांव निवासी डी नाईन गैंग का प्रमुख सदस्य सुजीत सिंह उर्फ बुढ़वा के पेशी से लौटते समय आजमगढ़ से फरारी के बाद मुबारकपुर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जनपद के व्यापारियों के साथ पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सुजीत सिंह जिले के लिए आतंक का पर्याय बन चुका था। उसके विरुद्घ एक दो नहीं बल्कि 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। इनमें अधिकांश मुकदमे हत्या, लूट, रंगदारी आदि से जुड़े हैं। आजमगढ़ से फरार होने के बाद मऊ पुलिस भी अलर्ट थी। जिले में इसका प्रमुख कार्य व्यापारियों से रंगदारी मांगना और न देने पर उनकी हत्या करना था। कई चिकित्सक एवं व्यापारियों से रंगदारी मांगने के चलते यह पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
जिले के चिरैयाकोट थाने के अल्देमऊ का रहने वाले सुजीत सिंह बुढ़वा पर हत्या, लूट आदि के कुल 31 मुकदमे दर्ज थे। जिले में इसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते इससे और इसके गुर्गों से जनपद पुलिस का आये दिन आमना सामना होता रहता था। पूर्व में इसे छुड़ाने के लिए इसके साथियों ने कई बार प्रयास भी किया था। लेकिन पेशी के दौरान इसे छुड़ाने को लेकर चिरैयाकोट में दो-दो बार प्रयास विफल हो गया और छुड़ाने की साजिश रचने वाले पुलिस की गिरफ्त में आ गए। बावजूद इसके उसकी गतिविधियां जेल से संचालित होती रहती थीं और इसके गुर्गे ही नहीं बल्कि इसके परिवार के कुछ सदस्य भी इसके सहयोगी बने हुए थे। इनमें कुछ परिवार के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।
गत दिनों सुजीत सिंह बुढ़वा आजमगढ़ से फरार हुआ है तो जनपद पुलिस के भी कान खड़े हो गए थे कि कहीं वह फिर से न घटनाओं को जिले में अंजाम देने लगे। जिले में वह कई हत्याएं कर चुका है और रंगदारी मांगने के कई मामले भी दर्ज हैं। इसका प्रमुख पेशा ही रंगदारी मांगना था। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का कहना है कि सुजीत सिंह बुढ़वा के मारे जाने की जानकारी अभी उन्हें नहीं मिली है। आजमगढ़ से सूचना मिल रही है। जिले की पुलिस को भी उसकी तलाश थी। उस पर 31 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
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इनसेट
सुजीत की बहन भी जेल में बंद
मऊ। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के अल्देमऊ निवासी कुख्यात अपराधी सुजीत सिंह बुढ़वा के अपराध में उसकी बहन पिंकी का भी नाम कई बार प्रकाश में आया है। पुलिस ने गत दिनों उसके द्वारा मांगी जाने वाली रंगदारी के मामले में अपने भाई का सहयोग करने पर पिंकी को भी गत दिनों पुलिस ने जेल भेज दिया था। अभी भी वह जेल में ही निरुद्ध है।
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जिले के चिरैयाकोट थाने के अल्देमऊ का रहने वाले सुजीत सिंह बुढ़वा पर हत्या, लूट आदि के कुल 31 मुकदमे दर्ज थे। जिले में इसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते इससे और इसके गुर्गों से जनपद पुलिस का आये दिन आमना सामना होता रहता था। पूर्व में इसे छुड़ाने के लिए इसके साथियों ने कई बार प्रयास भी किया था। लेकिन पेशी के दौरान इसे छुड़ाने को लेकर चिरैयाकोट में दो-दो बार प्रयास विफल हो गया और छुड़ाने की साजिश रचने वाले पुलिस की गिरफ्त में आ गए। बावजूद इसके उसकी गतिविधियां जेल से संचालित होती रहती थीं और इसके गुर्गे ही नहीं बल्कि इसके परिवार के कुछ सदस्य भी इसके सहयोगी बने हुए थे। इनमें कुछ परिवार के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था।
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गत दिनों सुजीत सिंह बुढ़वा आजमगढ़ से फरार हुआ है तो जनपद पुलिस के भी कान खड़े हो गए थे कि कहीं वह फिर से न घटनाओं को जिले में अंजाम देने लगे। जिले में वह कई हत्याएं कर चुका है और रंगदारी मांगने के कई मामले भी दर्ज हैं। इसका प्रमुख पेशा ही रंगदारी मांगना था। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का कहना है कि सुजीत सिंह बुढ़वा के मारे जाने की जानकारी अभी उन्हें नहीं मिली है। आजमगढ़ से सूचना मिल रही है। जिले की पुलिस को भी उसकी तलाश थी। उस पर 31 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
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सुजीत की बहन भी जेल में बंद
मऊ। चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के अल्देमऊ निवासी कुख्यात अपराधी सुजीत सिंह बुढ़वा के अपराध में उसकी बहन पिंकी का भी नाम कई बार प्रकाश में आया है। पुलिस ने गत दिनों उसके द्वारा मांगी जाने वाली रंगदारी के मामले में अपने भाई का सहयोग करने पर पिंकी को भी गत दिनों पुलिस ने जेल भेज दिया था। अभी भी वह जेल में ही निरुद्ध है।