{"_id":"5bf43861bdec22695176b88d","slug":"21542731873-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैतनिक पद पर नियुक्ति को लिया रुपया, कमीशनर से लगाई गुहार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैतनिक पद पर नियुक्ति को लिया रुपया, कमीशनर से लगाई गुहार
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। स्वास्थ्य विभाग में आशा संगिनी के अवैतनिक पद पर नियुक्ति के लिए रुपया लेकर नियुक्ति न कर उससे अधिक की धनराशि देने वाले की नियुक्ति का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने कमिश्नर आजमगढ़ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उधर, विभागीय अधिकारी इसमें कुछ कहने से बच रहे हैं।
मंडलायुक्त से गुहार लगाने वाले संजीव उपाध्याय शहर कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी रिश्तेदार रानीपुर ब्लाक क्षेत्र में बतौर आशा बहु कार्यरत है। बीते दिनों रानीपुर ब्लाक में आशा बहु संगीनी का पद सृजित हुआ। इसके लिए उनकी रिश्तेदार पात्र थी। इसलिए उसने आवेदन कर दिया। तभी सीएमओ कार्यालय से पता चला कि नियुक्ति कराने के लिए सेवा शुल्क देना होगा। प्रार्थी ने एनआरएचएम के डीपीएमओ से संपर्क किया। 85 हजार रुपये में सौदा तय हुआ और उन्होंने रकम दे दी। बाद में पता चला कि उनके रिश्तेदार के स्थान पर विभाग ने दूसरे का चयन कर लिया है। इस पर डीपीएमओ ने रुपया वापस करने की बात कही। साथ ही मंडालायुक्त से लेकर अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर नियुक्ति की जांच कराने की मांग किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि मामले में कई और शिकायते आई हैं। जांच के आदेश दिए गए हैं। दूसरी तरफ नियुक्ति के लिए धन लेने की बात पूछे जाने पर डीपीएमओ एनआरएचएम संतोष सिंह ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडलायुक्त से गुहार लगाने वाले संजीव उपाध्याय शहर कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी रिश्तेदार रानीपुर ब्लाक क्षेत्र में बतौर आशा बहु कार्यरत है। बीते दिनों रानीपुर ब्लाक में आशा बहु संगीनी का पद सृजित हुआ। इसके लिए उनकी रिश्तेदार पात्र थी। इसलिए उसने आवेदन कर दिया। तभी सीएमओ कार्यालय से पता चला कि नियुक्ति कराने के लिए सेवा शुल्क देना होगा। प्रार्थी ने एनआरएचएम के डीपीएमओ से संपर्क किया। 85 हजार रुपये में सौदा तय हुआ और उन्होंने रकम दे दी। बाद में पता चला कि उनके रिश्तेदार के स्थान पर विभाग ने दूसरे का चयन कर लिया है। इस पर डीपीएमओ ने रुपया वापस करने की बात कही। साथ ही मंडालायुक्त से लेकर अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर नियुक्ति की जांच कराने की मांग किया।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि मामले में कई और शिकायते आई हैं। जांच के आदेश दिए गए हैं। दूसरी तरफ नियुक्ति के लिए धन लेने की बात पूछे जाने पर डीपीएमओ एनआरएचएम संतोष सिंह ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन