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जिले में सक्रिय है डी नाइन गैंग
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मऊ। जिले में ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर सुर्खियों में आया डी नाइन गैंग वर्ष 2017 में सरगना धर्मेंद्र सिंह तथा बीते वर्ष हुए सुजीत उर्फ बुढवा के एनकाउंटर के बाद बिखर गया था। लेकिन आरटीआई कार्यकर्ता बाल गोविंद सिंह की हत्या के बाद जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिले में एक बार फिर से यह गैंग सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार की रात हुए मुठभेड़ में फरार हुए बदमाश हरिकेश यादव का नाम प्रकाश में आने पर एक बार जिले में डी नाइन गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि हो गई। पुलिस इस गिरोह के सदस्यों की कुंडली खंगालने में जुटी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो अब तक नौ सदस्यों का नाम पुलिस ने चिह्नित किया है।
मऊ सहित आसपास के जिलों में डी नाइन गैंग के गुर्गे काफी समय से सक्रिय थे। लेकिन वर्ष 2016 में चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के करमी गांव के पास हुई कैश लूट की घटना और 22 मार्च 2017 को चिरैयाकोट बाजार निवासी और आटो मोबाइल कारोबारी विनोद सेठ की रंगदारी के लिए दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या ने पुलिस को हिलाकर रख दिया। जिस समय यह घटना हुई, तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आजमगढ़ के सठियांव स्थित चीनी मिल का उद्घाटन कर रहे थे। इस घटना के कुछ दिन बाद बदमाशों ने सराय लखंसी थाने के बढुआ गोदाम निवासी और दवा व्यवसायी घूरा गुप्ता को गोली मारकर मौत के घाट उतारा। इस दौरान 14 जून 2017 को गोरखपुर में हुई मुठभेड़ के दौरान इस गैंग का सरगना धर्मेंद्र सिंह मारा गया। इसके बाद वर्ष 2018 में आजमगढ़ जिले में इस संगठन के सक्रिय सदस्य सुजीत सिंह बुढवा मुठभेड़ में मारा गया। इसके बाद से यह गैंग पूरी तरह से बिखर गया था। लेकिन इधर हुई लूट की घटनाओं के साथ आरटीआई कार्यकर्ता बाल गोविंद की हत्या के बाद पुलिस को इस बात का आभास हो गया कि जिले में यह गैंग फिर से सक्रिय हो चुका है। इस बीच बुधवार की रात वन देवी धाम के पास हुई मुठभेड़ में पुलिस गोली से घायल अजय भारती और फरार हरिकेश यादव के सामने आने पर पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर चार टीमें फरार अपराधी की तलाश में जुटी हैं। इसके अलावा गैंग के सदस्यों की कुंडली खंघालने का काम चल रहा है।
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मऊ सहित आसपास के जिलों में डी नाइन गैंग के गुर्गे काफी समय से सक्रिय थे। लेकिन वर्ष 2016 में चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के करमी गांव के पास हुई कैश लूट की घटना और 22 मार्च 2017 को चिरैयाकोट बाजार निवासी और आटो मोबाइल कारोबारी विनोद सेठ की रंगदारी के लिए दिनदहाड़े गोली मारकर हुई हत्या ने पुलिस को हिलाकर रख दिया। जिस समय यह घटना हुई, तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आजमगढ़ के सठियांव स्थित चीनी मिल का उद्घाटन कर रहे थे। इस घटना के कुछ दिन बाद बदमाशों ने सराय लखंसी थाने के बढुआ गोदाम निवासी और दवा व्यवसायी घूरा गुप्ता को गोली मारकर मौत के घाट उतारा। इस दौरान 14 जून 2017 को गोरखपुर में हुई मुठभेड़ के दौरान इस गैंग का सरगना धर्मेंद्र सिंह मारा गया। इसके बाद वर्ष 2018 में आजमगढ़ जिले में इस संगठन के सक्रिय सदस्य सुजीत सिंह बुढवा मुठभेड़ में मारा गया। इसके बाद से यह गैंग पूरी तरह से बिखर गया था। लेकिन इधर हुई लूट की घटनाओं के साथ आरटीआई कार्यकर्ता बाल गोविंद की हत्या के बाद पुलिस को इस बात का आभास हो गया कि जिले में यह गैंग फिर से सक्रिय हो चुका है। इस बीच बुधवार की रात वन देवी धाम के पास हुई मुठभेड़ में पुलिस गोली से घायल अजय भारती और फरार हरिकेश यादव के सामने आने पर पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर चार टीमें फरार अपराधी की तलाश में जुटी हैं। इसके अलावा गैंग के सदस्यों की कुंडली खंघालने का काम चल रहा है।
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