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मृतक के खाते से डेढ़ लाख रुपये गाएब
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:39 PM IST
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अमिला। स्थानीय उप डाकघर से मृत व्यक्ति के खाते से डेढ़ लाख रुपये गायब हो गए। जानकारी मृतक के बेटे को बुधवार को उस समय हुई जब वह पिता की पासबुक को अपडेट कराने पहुंचा। दो दिन पहले ही रुपये उसके पिता के खाते से निकाले गए थे। उसने पुलिस और विभागीय उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से रुपये गायब किए गए हैं। जबकि अमिला डाकघर के पोस्टमास्टर और प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर इस प्रकरण की जिम्मेदारी एक दूसरे पर डाल रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। कस्बा निवासी रामबचन गुप्ता पुत्र स्व.0 मुक्खी गुप्ता का स्थानीय डाकघर में 9881342092 नंबर का खाता है। वह11 अगस्त 1998 से खाते से लगातार लेनदेन कर रहे थे। उनके पास पुरानी पासबुक थी जिस पर लेन देन का विवरण हाथ से लिखा जाता था। 31 मार्च 2015 से कंप्यूटरीकृत व्यवस्था लागू हुई तो उनके खाते में एक लाख 67 हजार 956 रुपया बैलेंस था।19 फ़रवरी 2016 से 12 नवंबर 2016 तक लेन देन के बाद 2 लाख 95 हजार आठ रुपये बैलेंस रहा। 31 मार्च 2017 से 18 अक्टूबर 2017 तक लेन देन के बाद 4 लाख 93 हजार 357 रुपये बैलेंस से अंतिम निकासी तक 3 लाख 50 हजार रुपये निकालने के बाद खाते में 1 लाख 43 हजार 357 रुपये शेष बचे थे। 31 मार्च 2018 को 12 हजार 5 सौ 10 रुपया ब्याज का जोड़ने के बाद खाते में कुल 1 लाख 55 हजार 867 रुपये थे। तीन दिसंबर 2018 को मृतक के खाते से एक लाख 51 हजार 781 रुपया निकाल लिये गए। अमिला के पोस्ट मास्टर वीरेंद्र कुमार का कहना था कि खाते में गलत पोस्टिंग हो गई थी। प्रधान डाक घर से निर्देश लेने के बाद इस खाते से रकम निकाल कर यूसीआर खाते में रखा गया है। उधर मृतक के पुत्र प्रेमचंद गुप्ता का कहना है कि 20 फ़रवरी को उसके पिता का निधन हो गया। पुराने पासबुक को कंप्यूटराज्इड कराने के लिए मार्च 2018 में डाकघर में दिया था। पास बुक मांगने पर कभी सरवर फेल और कभी अन्य कारण बताते हुए डाककर्मियों ने नौ महीना बिता दिया। इस प्रकार डाकघर से उसे 4 दिसंबर 2018 को पासबुक दिया गया। वह भी खाते की धनराशि पर ओवर राईटिंग की गई है।
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