मऊः कम्युनिटी किचन खुला नहीं, पुरानी तस्वीर लगाकर प्रशासन ने लूटी वाहवाही, अब सोशल मीडिया पर किरकिरी
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में छोटे साहब की होशियारी ने बड़े साहब के कार्यो पर उठाया सवाल उठाया है। अब सोशल मीडिया पर लोग कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। यहां कम्युनिटी किचन खोला ही नहीं गया लेकिन साहेब को तस्वीर भेज दी गई।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से ऐसे ही भय का माहौल है। इसे दूर करने के बजाए प्रशासन के जिम्मेदार ठोस कदम उठाने के बजाए कागजी मेहनत कर रहे है। ऐसा हम नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन द्वारा शुरू किए गए कम्युनिटी किचन के तहत जरुरतमंदों को भोजन वितरित करते हुए एक तस्वीर पर कर रहे हैं।
ये मामला उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के मधुबन तहसील का है। बीते 10 मई को जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल द्वारा द्वारा मऊ ड्रिस्ट्रिक पेज पर अपलोड करते हुए कम्युनिटी किचन के तहत जरुरतमंदों को भोजन का पैकेट देते हुए बताया। जैसे ही यह फोटो अपलोड हुआ कुछ ही देर में यह वायरल होने के साथ इस पर सवाल उठने शुरू हो गए।
दरअसल इस फोटो को सोशल मीडिया के कई यूर्जस जो स्थानीय निवासी हैं, वो इसे पिछले वर्ष का बता रहे है। लोगों का आरोप है कि मधुबन तहसील प्रशासन के जिम्मेदारों ने बड़े साहब को खुश करने के लिए पुरानी फोटो को नई फोटो बताकर दे दिया । इस पर बिना इसकी रियलटी चेक किए ही जिलाधिकारी ने अपने फेसबुक पेज पर अपलोड कर दिया।
तहसील प्रशासन के इस महामारी के विषम परिस्थिति में लोगों की मदद करने के बजाए पुरानी फोटो को अपलोड करने के कार्य को गलत बताते हुए जिलाधिकारी से उन्हें फोटो मुहैया कराने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे है।
इस बाबत बात करने पर तहसीलदार राहुल गुप्ता ने बताया कि मेरे स्वयं के फोटो सहित अन्य फोटो ऑपरेटर के द्वारा भेजा गया है कोई भी तस्वीर पु्रानी नहीं है। फिलहाल इसकी जांच होगी। यदि आरोप सही मिला तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फोटो को गलत बताते यूर्जस दे रहे हैं ये तर्क
तहसील प्रशासन द्वारा जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल को कम्युनिटी किचन के भेजे गए तस्वीर को पर कई लोग कई सवाल उठा रहे हैं। इसमें वर्तमान में ब्लाक संसाधन केंद्र जो अब सुंदरीकरण के चलतें काफी सुसज्जित है। जबकि अपलोड फोटो में वर्तमान की स्थिति में विरोधाभास है। वहीं लोगों का सवाल है कि जब संक्रमण के चलते परिषदिय विद्यालय बंद पड़े हुए है तो ऐसे में कैसे बच्चे दिखाई दे रहें है।
इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न लगभग दो महीने पूर्व लेखपाल ओमप्रकाश पांडेय एक मामले में निलबिंत कर दिए गए। वर्तमान में मधुबन का चार्ज लेखपाल विवेक राय के पास है। लेकिन वायरल फोटो में निलंबित लेखपाल बच्चों को लंच पैकेट बांटते दिखाई दे रहे हैं ।