{"_id":"5fd8eb708ebc3ecd691aa172","slug":"cctv-surveillance-will-be-vacant-after-15-minutes-of-waiting-mau-news-vns563595151","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 मिनट इंतजार के बाद सीसीटीवी की निगरानी में लगेगा टीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 मिनट इंतजार के बाद सीसीटीवी की निगरानी में लगेगा टीका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। जिले में पहले चरण में सरकारी और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाने की तैयारियां तेज हो गईं हैं। वैक्सीन लगाने से लेकर उसे रखने तक की व्यवस्था शुरू हो गई है। वैक्सीन लगने के बाद 30 मिनट के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को निगरानी में रखा जाएगा। टीका लगने से पहले 15 मिनट इंतजार करना होगा। इसके बाद 10 मिनट के अंदर वैक्सीनेशन होगा। वैक्सीन लगाने को लेकर प्रथम चरण में सरकारी अस्पतालों को सेंटर के रूप में तैयार किया जा रहा है।
सीएमओ कार्यालय के पीछे वैक्सीन रखने के लिए विशेष कमरे भी बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो वैक्सीन लगाने के जिला और महिला अस्पताल के साथ जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सेंटर बनाया जाएगा। सेंटर पर तीन कमरे बनाए जाएंगे। पहला रूम वेटिंग रूम होगा, जहां पर टीकाकरण कराने वाले लाभार्थियों को बैठाया जाएगा। दूसरा रूम वैक्सीनेशन रूम होगा, जहां पर लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा। यहां पर डॉक्टरों की एक टीम स्टाफ नर्स के साथ मौजूद होगी, जहां एएनएम भी उनकी मदद के लिए मौजूद रहेंगी। जबकि तीसरा रूम ऑब्जरवेशन रूम कहलाएगा, जिसमें टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को करीब आधे घंटे तक इस ऑब्जर्वेशन रूम में रहना होगा। 30 मिनट के भीतर अगर टीका लगने वाले लाभार्थी को किसी भी प्रकार की दिक्कत होती है तो उसके लिए एक स्पेशलिस्ट टीम तैनात रहेगी, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के काम आने वाली एनफ़आइलेसिस किट के साथ तैनात होगी। जिसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ को शामिल किया गया है।
अगर लाभार्थी को ज्यादा दिक्कत होती है तो आसपास के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर पहले से ही रखने का भी प्रबंध किया जा रहा है। वेटिंग रूम में इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाएगा कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए।
विज्ञापन
पहले चरण में सात हजार से ज्यादा हेल्थ वर्कर को लगेगा टीका
मऊ। कोरोना संक्रमण के टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले में पहले चरण में जनवरी के प्रथम सप्ताह तक 7 हजार से ज्यादा हेल्थवर्करों को टीकाकरण लगाया जा सकता है। इसमें सरकारी क्षेत्र के 6856 और प्राइवेट क्षेत्र के 1351 हेल्थवर्कर हैं।
हेल्थवर्कर कर्मियों के स्वास्थ्य की होगी जांच
मऊ। वैक्सीनेशन से पहले हेल्थ वर्करों के स्वास्थ्य की जांच होगी। बुखार सहित अन्य जांच के बाद वैक्सीन का डोज दिया जाएगा। वैक्सीनेशन के दौरान एक बार में केवल एक व्यक्ति की इंट्री होगी। वेटिंग रूम में ही रजिस्ट्रेशन का पूरा ब्योरा चेक किया जाएगा। जांच के बाद एक-एक करके कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीन को सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाएगा। विशेष फ्रीजर में वैक्सीन रखी जाएगी।
पोर्टल पर मिलेगी समय और स्थान की जानकारी
मऊ। कोरोना वैक्सीन के लिए बनाए गए कोविड पोर्टल पर सभी स्वास्थ्य कर्मियों की सूची फीड रहेगी। पोर्टल पर हर नाम के साथ संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी अपलोड किया जा रहा है। पोर्टल के माध्यम से लोगों को मैसेज भेजकर टीकाकरण का स्थान व समय की जानकारी भेजी जाएगी।
कोरोना टीकाकरण को लेकर कवायद शुरू किया जा चुका है। टीकाकरण को लेकर प्रशिक्षण देने के साथ पहले चरण में टीकाकरण के लिए हेल्थवर्कर का डाटा अपलोड किया जा चुका है।
- डॉ. सतीशचंद्र सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के पीछे वैक्सीन रखने के लिए विशेष कमरे भी बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो वैक्सीन लगाने के जिला और महिला अस्पताल के साथ जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सेंटर बनाया जाएगा। सेंटर पर तीन कमरे बनाए जाएंगे। पहला रूम वेटिंग रूम होगा, जहां पर टीकाकरण कराने वाले लाभार्थियों को बैठाया जाएगा। दूसरा रूम वैक्सीनेशन रूम होगा, जहां पर लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा। यहां पर डॉक्टरों की एक टीम स्टाफ नर्स के साथ मौजूद होगी, जहां एएनएम भी उनकी मदद के लिए मौजूद रहेंगी। जबकि तीसरा रूम ऑब्जरवेशन रूम कहलाएगा, जिसमें टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को करीब आधे घंटे तक इस ऑब्जर्वेशन रूम में रहना होगा। 30 मिनट के भीतर अगर टीका लगने वाले लाभार्थी को किसी भी प्रकार की दिक्कत होती है तो उसके लिए एक स्पेशलिस्ट टीम तैनात रहेगी, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के काम आने वाली एनफ़आइलेसिस किट के साथ तैनात होगी। जिसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
अगर लाभार्थी को ज्यादा दिक्कत होती है तो आसपास के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर पहले से ही रखने का भी प्रबंध किया जा रहा है। वेटिंग रूम में इस बात का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाएगा कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए।
विज्ञापन
पहले चरण में सात हजार से ज्यादा हेल्थ वर्कर को लगेगा टीका
मऊ। कोरोना संक्रमण के टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिले में पहले चरण में जनवरी के प्रथम सप्ताह तक 7 हजार से ज्यादा हेल्थवर्करों को टीकाकरण लगाया जा सकता है। इसमें सरकारी क्षेत्र के 6856 और प्राइवेट क्षेत्र के 1351 हेल्थवर्कर हैं।
हेल्थवर्कर कर्मियों के स्वास्थ्य की होगी जांच
मऊ। वैक्सीनेशन से पहले हेल्थ वर्करों के स्वास्थ्य की जांच होगी। बुखार सहित अन्य जांच के बाद वैक्सीन का डोज दिया जाएगा। वैक्सीनेशन के दौरान एक बार में केवल एक व्यक्ति की इंट्री होगी। वेटिंग रूम में ही रजिस्ट्रेशन का पूरा ब्योरा चेक किया जाएगा। जांच के बाद एक-एक करके कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीन को सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाएगा। विशेष फ्रीजर में वैक्सीन रखी जाएगी।
पोर्टल पर मिलेगी समय और स्थान की जानकारी
मऊ। कोरोना वैक्सीन के लिए बनाए गए कोविड पोर्टल पर सभी स्वास्थ्य कर्मियों की सूची फीड रहेगी। पोर्टल पर हर नाम के साथ संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर भी अपलोड किया जा रहा है। पोर्टल के माध्यम से लोगों को मैसेज भेजकर टीकाकरण का स्थान व समय की जानकारी भेजी जाएगी।
कोरोना टीकाकरण को लेकर कवायद शुरू किया जा चुका है। टीकाकरण को लेकर प्रशिक्षण देने के साथ पहले चरण में टीकाकरण के लिए हेल्थवर्कर का डाटा अपलोड किया जा चुका है।
- डॉ. सतीशचंद्र सिंह, सीएमओ