फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Cattle dying due to lack of fodder

चारे के अभाव में दम तोड़ रहे मवेशी

Mon, 04 Jul 2022 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
Cattle dying due to lack of fodder
परदहां ब्लाक के रणवीरपुर गांव स्थित गौशाला में इलाज के अभाव में दम तोडती गाय।संवाद - फोटो : MAU
बढुआगोदाम। परदहां ब्लाक क्षेत्र के रणवीरपुर गांव स्थित गो आश्रय स्थल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। मवेशियों को भरपेट चारा नहीं लिने से वह दम तोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं मृत मवेशियों के शवों को भी नहीं हटाया जा रहा। ऐसे में चील और कौए उनके मृत शरीर को नोंच रहे हैं। सब कुछ जानकर विभागीय अधिकारी खामोश हैं। गो आश्रय स्थल में 200 से अधिक मवेशी हैं। इनकी देखरेख के लिए पांच कर्मचारियो को लगाया गया है। यहां उन्हें भरपेट चारा, हरा चारा, चोकर आदि दिया जाना है। लेकिन सब कुछ कागज पर चल रहा है। हालत यह है कि पशु बिना चारे के दम तोड़ रहे हैं। चारा देने के नाम पर उनकी नाद में कुछ चारा डाल दिया जा रहा है। जिससे वह भूखे रह जा रहे हैं। नाद की सफाई तक नहीं की जा रही है। इसमें एक से दो इंच काई जम गई है। चारे के नाम पर केवल सूखा भूसा ही खिलाया जा रहा है। विभागीय लापरवाही के चलते भूख और प्यास से तड़प-तड़पकर बेजुबान दम तोड़ रहे हैं। इलाज की बेहतर व्यवस्था न होने से कई मवेशी घायलावस्था में पड़े मौत का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो आश्रय स्थल नदी किनारे पर होने के कारण मृत मवेशियों को नदी में भी फेंका जा रहा है। उपजिलाधिकारी सदर हेमंत चौधरी ने बताया कि गो आश्रय स्थल का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। जांच में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed