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UP: बहन को अस्पताल पहुंचाने को भाई ने ठीक कराया रास्ता, फिर भी नहीं बची जान; आठ बेटियों ने अर्थी को दिया कंधा

Wed, 04 Sep 2024 04:56 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 04 Sep 2024 04:56 PM IST
सार

मऊ जिले में बीमार बहन को देखने मुंबई से आए उघोगपति भाई ने जेसीबी लगाकर करीब आठ घंटे तक रास्ते का मरम्मत कराया फिर एंबुलेंस घर पर लाकर बहन को अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।  

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Brother repaired road to take his sick sister to hospital in mau
जेसीबी से रास्ता ठीक किया गया, मृतका की फाइल फोटो, मां की अर्थी को कंधा देती बेटियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक रूह कंपाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक भाई अपनी बीमार बहन को बचाने के लिए लाख जतन किया लेकनि, बहन की जान नहीं बच पाई। बहन की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर वह मुंबई से गांव पहुंचा। बहन के घर तक एंबुलेंस जाने का रास्ता नहीं था तो खुद के खर्चे से करीब दो सौ मीटर मार्ग का मरम्मत कराया। इसके बाद एंबुलेंस घर पहुंचा और भाई अपनी बहन को लेकर अस्पताल पहुंचा। 

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रानीपुर सीएचसी से रेफर होने के बाद बहन को आजमगढ़ के पीजीआई में भर्ती कराया, जहां मंगलवार की देर शाम को उपचार के दौरान बहन की मौत हो गई। मौत के बाद बुधवार को महिला के शव को आठ बेटियों ने कंधा दिया। भाई की पहल और लड़कियों के शव को कंधा देने की चर्चा पूरे जनपद में है। 
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यह है मामला
रानीपुर ब्लाक के हकारीपुर गांव निवासी पूनम दूबे (76) पत्नी स्व. रामहरख दूबे की बीते एक सप्ताह से तबीयत खराब थी। परिवार के लोग उनका आस- पास के चिकित्सकों से उपचार करा रहे थे। इसी बीच पूनम ने अपने भाई प्रमोद चौबे जो मुंबई में उद्योगपति हैं, उनसे मिलने की इच्छा जाहिर किया। 
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भाई प्रमोद चौबे बीते एक सितंबर को हकारीपुर गांव पहुंचे एक डॉक्टर को घर बुलाकर ही उपचार कराया गया। इस बीच डॉक्टर ने सलाह दी कि उनको किसी अस्पताल में भर्ती कराया जाए। एंबुलेंस बुलाने की बात हुई, तभी किसी ने बताया कि घर तक एंबुलेंस नहीं आ सकती है। 

गांव के लोगों ने बताया कि यह समस्या पुरानी है। जिसके बाद प्रमोद चौबे ने गांव के सभी लोगों की समस्या का निजात करते हुए करीब दो सौ मीटर कच्चे मार्ग को जेसीबी लगाकर सही कराया। बहन को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया, हालाकि पूनम दूबे की मंगलवार की शाम करीब पांच बजे उपचार के दौरान मौत हो गई। 

मृतका की कुल आठ बेटियां हैं। बुधवार को अंतिम यात्रा निकलने पर सभी आठ बेटियों ने मां के शव को कंधा दिया। जिसके बाद शव का काशी के मर्णिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

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